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स्कूलों में लौटी रौनक, पहुंचे 50 फीसदी बच्चे

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पानीपत। शिक्षा लेने तो पहुंचे विद्यार्थी लेकिन भूले सोशल डिस्टेंसिंग:- तहसील कैंप स्थित राजकिय - फोटो : Panipat
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पानीपत। प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद वीरवार को खुले सरकारी व निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के पहुंचने से रौनक लौट आई। दूसरे चरण में वीरवार को कक्षा पहली से नौवीं तक के लिए भी स्कूल खोल दिए गए। करीब 40 दिन बाद खुले स्कूलों में पहले दिन औसतन करीब 50 फीसदी विद्यार्थी पहुंचे। लंबे समय के बाद स्कूलों में पहुंचने पर विद्यार्थियों के चेहरे खिले दिखाई दिए।
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10वीं से 12वीं की कक्षाएं एक फरवरी से शुरू हो चुकी थी लेकिन अन्य कक्षा के बच्चे अभी तक स्कूल नहीं आ रहे थे। जब सरकार ने इस संबंध मेें दिशा-निर्देश जारी किए तो वीरवार को अन्य कक्षाओं के बच्चे पहुंचने से स्कूलों की रौनक बढ़ गई। प्रवेश से पहले सभी विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद उन्हें मास्क लगाकर प्रवेश दिया गया। कक्षाओं में भी सभी विद्यार्थियों को मुंह पर मास्क लगाए रखने और सामाजिक दूरी का पालन करने की हिदायत भी दी गई।
गौरतलब है कि कोरोना की तीसरी लहर में बढ़ते संक्रमितों की संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पहली जनवरी को सभी स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए थे। बाद में 1 से 12 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया। इसके बाद स्कूल 31 जनवरी तक बंद रहे। हालांकि 13 जनवरी से शिक्षकों को रोस्टर अनुसार स्कूल में आने के आदेश दिए गए और इसके बाद विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई।
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स्कूल बंद होने से प्रभावित हो रही विद्यार्थियों की पढ़ाई को देखते हुए सरकार ने 3 जनवरी से 15 से 18 आयुवर्ग के विद्यार्थियों को वैक्सीन लगवाने के निर्देश दिए। स्कूलों में टीकाकरण शिविर लगाए गए। इसके बाद से अब तक जिले के राजकीय स्कूलों के 80 फीसदी से अधिक किशोर विद्यार्थियों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। टीकाकरण की बेहतर स्थिति और प्रभावित हो रही बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए सरकार ने स्कूलों को खोलने की छूट दी।
कक्षाओं में हाजिरी रही कम
40 दिन बाद खुले स्कूलों में दूसरे चरण में पहली से 9वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को भी स्कूल आने की छूट दी गई। वीरवार को पहले दिन राजकीय स्कूलों में जहां 30 फीसदी तक विद्यार्थी पहुंचे, वहीं निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति करीब 70 फीसदी तक रही। सभी कक्षाओं में एक बैंच पर एक ही विद्यार्थी को बैठने की अनुमति दी गई। कक्षाओं में पढ़ाई के दौरान बच्चों ने अपने मुंह पर मास्क लगाए रखा। स्कूलों में सुबह 9 से दोपहर एक बजे तक लंच ब्रेक सहित कक्षाएं लगी। हालांकि अध्यापकों के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर बाद 2:30 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। जिस कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या अधिक रही, उन्हें दो कमरों में बैठाया गया।
बच्चों को दोपहर का खाना घर से लाने की सलाह
पहली से नौवीं के विद्यार्थियों को दोपहर का खाना घर से लाने की हिदायत दी गई है। शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी निर्देशानुसार बच्चों को दोपहर का खाना घर से लाना होगा। हालांकि उन्हें दिया जाने वाला मिड-डे मील सूखा राशन के रूप में पहले की तरह घर पर ही दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार से अनुमति मिलने के बाद वीरवार से पहली से 9वीं कक्षा के लिए भी स्कूलों को खोल दिया गया है। पहले दिन करीब 50 फीसदी विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। प्रवेश से पहले वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र व अभिभावकों की लिखित अनुमति जांची गई। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई विद्यार्थी स्कूल नहीं आना चाहता है तो उसे बाध्य नहीं किया जाएगा। ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी। - रमेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत
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