माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। नाबालिग को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के दोषी को फास्ट ट्रैक कोर्ट (पॉक्सो) के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। अदालत ने सभी सजाएं एक साथ चलाने के आदेश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के एक जिले की महिला ने दो मई 2024 को चांदनी बाग थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि वह पानीपत की एक कॉलोनी में किराये पर रहती है। एक मई को 14 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। इस दौरान पड़ोस में किराये पर रहने वाला विपिन निवासी रणखंडी बायला, सहारनपुर उसे अपने गांव ले गया। रास्ते में मंदिर में शादी करने के बाद वह उसे घर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। परिजनों को पता चलने पर वे बेटी को वापस ले आए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर विपिन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने के साथ अदालत में उसके बयान भी दर्ज कराए।
अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान दर्ज कराए और फॉरेंसिक व मेडिकल साक्ष्य पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने विपिन को दोषी करार दिया। अदालत ने धारा 376(1) के तहत 10 साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना, धारा 366 के तहत पांच साल की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 506 के तहत तीन साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।