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हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सड़क पर रखा शव

Tue, 09 Jun 2015 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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गांव महावटी में जगमहेंद्र की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में सोमवार को परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। करीब पौने दो घंटे तक जीटी रोड जाम रहने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर नामजद लोगों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।  एसडीएम गौरव कुमार ने परिजनों को आश्वासन दिया कि केस को सीआईए को सौंप दिया गया है।

पुलिस को दी शिकायत में कर्मबीर निवासी महावटी ने बताया कि रविवार शाम को उसका भाई जगमहेंद्र अपने एक रिश्तेदार के साथ गांव के अड्डे पर बैठा था। इसी दौरान गांव के ही कुछ लोग उन दोनों को खाने-पीने की बात कहकर अपने साथ गाड़ी में बिठाकर खेत में ले गए। खेत में आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमलाकर उसके भाई को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। किसी तरह से रिश्तेदार ने परिजनों को इस बारे में सूचित किया। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और जगमहेंद्र को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कर्मबीर की शिकायत पर हरपाल, रमेश, चांद, सुरेश, महाबीर के खिलाफ केस दर्ज किया था।
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पौने दो घंटे जीटी रोड जाम
सोमवार सुबह पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजन शव को गांव ले गए और वहां से पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए जीटी रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। देखते ही देखते रोड की दोनों लेन पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर एसडीएम गौरव कुमार, डीएसपी गोरखपाल राणा, एसएचओ अमित कुमार ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई
 परिजनों का कहना है कि हत्या करने के बाद आरोपी खुले घूम रहे हैं लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। हत्या के बाद से प्रशासन का कोई भी अधिकारी गांव में नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस से केस लेकर आला अधिकारियों को स्वयं जांच करनी चाहिए।
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मेरे बच्चों को कौन पालेगा
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतक जगमहेंद्र की पत्नी राजेश के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। शव के पास विलाप करते हुए वह बार-बार यही कह रही थी कि मेरे बच्चों को कौन पालेगा। मैं आरोपियों को भी यहीं पड़ा हुआ देखना चाहती हूं।
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