स्पिनिंग मिल में काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों ने मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में जीटी रोड से होते हुए लघु सचिवालय पहुंच कर रोष प्रकट किया। इसके बाद डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जहां डीसी ने आश्वासन दिया कि मांगों को लेकर जल्द से जल्द कारगर कदम उठाया जाएगा।
सोमवार को भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले स्पिनिंग मिल में काम करने वाले सैकड़ों मजदूरों ने हॉली पार्क में एकत्रित होकर मीटिंग की। इसके बाद मांगों को लेकर जुलूस के रूप में केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए असंध पुल से होते हुए सचिवालय पहुंच कर सरकार व प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। संघ के प्रदेशाध्यक्ष करण सिंह राणा ने मांग करते हुए कहा कि हर पांच वर्ष काम करने के बाद श्रमिक का वेतन रिवाइज होता है।
2007 में वेतन रिवाइज हुआ लेकिन आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी वेतन रिवाइज नहीं किया गया है। इससे सभी श्रमिकों में सरकार व प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। सरकार व प्रशासन को अलटीमेट देते हुए कहा कि अगर 15 दिन के अंदर मांगों को लेकर कोई कारगर कदम नहीं उठा गया तो श्रमिक आंदोलन की ओर अग्रसर होंगे।
जुलूस के चलते रेंग रेंगकर चले वाहन
मांगों को लेकर दोपहर 12 बजे श्रमिक जीटी रोड से होते हुए नारेबाजी कर पैदल लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान जीटी रोड वाहन रेंग रेंगकर चलते नजर आए। जिस कारण गर्मी में वाहन चालकों का बुराहाल रहा। वाहन चालक अंकित निवासी समालखा, आजाद निवासी वजीरपुर टिटाना ने कहा कि जुलूस निकालना है तो एक तरफ साइड में होकर भी चला जा सकता है। ऐसे रोड के बीच में चलने लोगों को ही दिक्कत उठानी पड़ती है।
ये हैं प्रमुख मांगें
सभी उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के नाम हाजरी रजिस्टर में दर्ज करवाएं।
श्रमिकों को ईएसआई व पीएफ जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएं।
श्रमिक कल्याण बोर्ड में लड़कियों का विवाह करने पर 5100 रुपए कन्यादान, दुर्घटना होने पर मुआवजा राशि आदि कल्याणकारी योजनाओं को लाभ जो श्रमिकों को नहीं मिल रहा है दिया जाए।
सभी श्रमिकों को वैलफेयर का पैसा उनके वेतन से काटकर उन्हें वैलफेयर बोर्ड का सदस्य बनाया जाए, श्रमिक वैलफेयर द्वारा दी जाने वाले सभी सुविधाएं श्रमिकों को प्रदान की जाए।
15 हजार रुपये मासिक वेतन किया जाए, ठेकेदारी प्रथा बंद की जाए, श्रमिकों को स्थाई नौकरी व ग्रेच्यूटी आदि का लाभ प्रदान किया जाए।