जगमहेंद्र सरोहा
पानीपत। संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर 23 से 26 अक्तूबर को होने वाले विशाल वार्षिक समागम को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को नेटवर्क और संचार संबंधी किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए संत निरंकारी मंडल ने पुख्ता इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में आध्यात्मिक स्थल पर मोबाइल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए चार नए मोबाइल टावर लगाने का निर्णय लिया गया है।
समागम के दौरान आठ से 10 लाख श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। सेवादार पिछले कई दिन से आ रहे हैं। उत्तर रेलवे ने 30 सितंबर को 43 ट्रेनों और छह अक्तूबर से पानीपत-दिल्ली रूट पर चलने वाली सभी ट्रेनों का भोड़वाल माजरी रेलवे स्टेशन पर ठहराव किया गया है। सेवादार और समागम के लिए संगत का आना शुरू हो गया है। ऐसे में मोबाइल नेटवर्किंग की जरूरत होने लगी है। इस कारण मोबाइल नेटवर्क पर अत्यधिक दबाव होने लगा। इसे ध्यान में रखते हुए मिशन ने बीएसएनएल और अन्य प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों से संपर्क साधा है। आध्यात्मिक स्थल परिसर में चार नए मोबाइल टावर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि समागम के दौरान इंटरनेट और कॉलिंग की स्पीड में कोई रुकावट न आए और सभी श्रद्धालु अपनों से आसानी से जुड़े रहें।
बिजली आपूर्ति के लिए दो जिलों के सर्कल से संपर्क
समागम के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। पानीपत के साथ सोनीपत सर्कल से भी बिजली की व्यवस्था की जा रही है। संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पानीपत व सोनीपत जिले के बॉर्डर पर स्थित गांव भोड़वाल माजरी में रेलवे स्टेशन के साथ है। किसी भी तकनीकी खराबी या लोड बढ़ने की स्थिति में बैकअप पावर मिल जाएगी और पूरा पंडाल रोशन रहेगा। इसके अलावा, देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए रेलवे स्टेशनों पर विशेष ट्रेनों के ठहराव को लेकर भी संबंधित विभागों से बातचीत जारी है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े।
युद्धस्तर पर जारी हैं सेवा कार्य
निरंकारी मंडल के सचिव अशोक सुखीजा ने बताया कि आध्यात्मिक स्थल पर इन दिनों सेवा कार्यों का दौर लगातार जारी है। मिशन के देशभर से पहुंचे हजारों सेवादार और श्रद्धालु पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ साफ-सफाई, पंडाल निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। प्रत्येक रविवार को सेवा कार्यों के लिए व्यापक स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें स्थानीय व दूर-दराज से आए श्रद्धालु बढ़-चढ़कर श्रमदान कर रहे हैं। मंडल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समागम में आने वाले हर एक श्रद्धालु को बेहतर से बेहतर सुविधाएं मिल सकें।