माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। पुराना औद्योगिक क्षेत्र की पूरेवाल कॉलोनी निवासी रजनी मेहता का शव आठ दिन से नहर में तलाशने के बावजूद नहीं मिल सका है। पुलिस और परिजन पानीपत से लेकर सोनीपत, दिल्ली के नरेला और भिवानी ब्रांच नहर तक तलाश कर चुके हैं पर नतीजा सिफर है।
पुलिस की ओर से एसडीआरएफ और गोताखोरों की मदद से भी अभियान चलाया गया। परिजनों का कहना है कि अब वे अपने स्तर पर नहर और उसके किनारों पर तलाश कर रहे हैं। इस पर रोजाना करीब चार से पांच हजार रुपये खर्च हो रहे हैं।
रजनी मेहता (46) सात सितंबर को घर से लापता हुई थीं। उनके बेटे ने पुराना औद्योगिक थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 17 सितंबर को पुलिस जांच में सामने आया कि रजनी की हत्या की गई है। पुलिस के अनुसार, पड़ोसी गौरव ने अपने दोस्त शुभम और प्रेमिका प्रीति के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया और शव को कट्टे में भरकर असंध रोड पुल के पास दिल्ली पैरेलल नहर में फेंक दिया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद नहर में शव की तलाश के लिए अभियान चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
रजनी के पति राजीव ने बताया कि परिवार और रिश्तेदार रोजाना सुबह पानीपत से निकलकर नहर के किनारे और पानी में शव की तलाश करते हैं। नहर के किनारे झाड़ियों में भी खोजबीन की जा रही है। उन्होंने बताया कि पत्नी की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन शव नहीं मिलने के कारण अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहे हैं।
पुलिस जुटा रही डिजिटल साक्ष्य
शव बरामद नहीं होने के बाद पुलिस हत्या से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। इसमें सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और लोकेशन को अहम माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों को ई-साक्ष्य एप पर अपलोड किया गया है। अंतिम क्राइम सीन के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
वर्जन
नहर में शव की तलाश के लिए अभियान चलाया गया है। एसडीआरएफ की टीम भी लगाई गई थी, लेकिन शव बरामद नहीं हो सका। मामले की जांच जारी है। -अरविंद, प्रभारी, थाना पुराना औद्योगिक