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Panipat News: उठाई आवाज, बेटियों को बाल विवाह से बचाया

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पानीपत। बाल विवाह जैसी कुरीति से टेक्सटाइल नगरी लगातार कलंकित हो रही है। 2024 में 2023 के मुकाबले बाल विवाह की शिकायतें 20 प्रतिशत तक ज्यादा मिलीं। महिला सरंक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने 2023 में 30 बाल विवाह रुकवाए थे।
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गौरतलब है िक अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक ही बाल विवाह की 35 शिकायतें मिली। शिकायतों पर बाल विवाह निषेध अधिकारी ने पहुंचकर बालिकाओं को बाल विवाह की बलि चढ़ने से बचाया। इसमें सकारात्मक पहलू यह रहा कि बालिकाएं खुद अपने विवाह की शिकायत कर इसके खिलाफ आवाज उठा रही हैं।
जिले में पिछले पांच साल में 193 बालिकाओं के बाल विवाह का प्रयास किया गया। इनकी शिकायत दर्ज की गई है। ऐसे भी काफी मामले हैं जब अधिकारी को बाल विवाह की सूचना ही नहीं मिली हो। 2024 के 13 केस की शिकायतें पुलिस को दी गई है। इन मामलों में पुलिस जांच कर रही है।
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खेलने की उम्र में बंधन में बांध रहे अभिभावक : जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी के कार्यालय में पहुंच रहे बाल विवाह के ज्यादातर मामलों में यह तथ्य सामने आया है कि परिवार के लोग आज भी लड़की को एक जिम्मेदारी समझते हैं। लोग बेटियों को उनके खेलने की उम्र में शादी के बंधन में बांध दे रहे हैं।
जिम्मेदारी निभाने के लिए ही ज्यादातर अभिभावक बाल अवस्था में लड़की को विवाह के बंधन में बांध देते हैं। इसके अलावा लड़कियों की छोटी उम्र में ही गलत संगत में पड़ने के भय से परिजन उनका रिश्ता तय कर देते हैं।
जब लड़की अपनी मर्जी से शादी नहीं होती देखकर इसकी शिकायत विभाग को देती है तो वह शादी रुक जाती है।
दो साल की सजा व एक लाख के जुर्माने का है प्रावधान : बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह करवाने के आरोप में दो साल की सजा तथा एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
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वहीं, बाल विवाहित लड़का या लड़की बालिग होने के दो साल के अंदर अपना विवाह खारिज करवा सकता है।
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