पानीपत। सावन मास की शुरुआत के साथ ही रिमझिम बारिश ने गर्मी और उमस से बेहाल लोगों को राहत दी है। बीते पांच दिन से मौसम में बदलाव आने से लगभग हर रोज हो रही बारिश से विशेषकर किसानों को फायदा मिला है। कभी हल्की तो कभी तेज बारिश से न केवल तापमान में भी गिरावट आई है बल्कि मौसम भी खुशनुमा हुआ है। लोगों को उमस भरे वातावरण से भी राहत मिली है। बृहस्पतिवार को भी मानसून ने अपना रंग दिखाया और रात से दोपहर बाद तक मानसून की झड़ी लगी रही। हालांकि उसके बाद बादलों का लुकाछिपी का खेल चलता रहा। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो मानसून की झड़ी लगने से न केवल भूजल स्तर में वृद्धि होगी, बल्कि फसलों के लिए भी लाभकारी साबित होगी। किसानों का कहना है कि बीते पांच दिन के दौरान हुई बारिश से खेतों में रोपी गई धान को नई ऊर्जा मिली है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी एक पखवाड़े तक लगभग हर रोज झमाझम बारिश होने की संभावना है।
इससे पहले मानसूनी बारिश ने किसानों का इंतजार लंबा कर दिया था। 30 जून के बाद 16 जुलाई तक अपेक्षा के अनुरूप बारिश नहीं हुई थी। वहीं, उमस भरे वातावरण से लोगों का हाल बेहाल रहा। लेकिन बीते शनिवार की रात से हुई तेज बारिश के बाद किसानों को राहत मिली है। वहीं, बृहस्पतिवार को भी झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार बीते 36 घंटों के दौरान पानीपत जिले में औसतन करीब 35 एमएम बारिश हो चुकी है।