फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हंगामे के बीच पार्षदों ने बीच में ही छोड़ी सदन की बैठक

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। नगर निगम सदन की बैठक हंगामेदार रही। अपनी समस्याओं पर संजोषजनक जवाब न मिलने पर पार्षदों ने बीच में ही बैठक छोड़ दी। इसके साथ ही सदन की बैठक को स्थगित कर दिया गया। कहा जा रहा है कि 11 दिन बाद फिर सदन की बैठक बुलाई जाएगी, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है। यानी 11 दिन बाद भी बैठक होगी, इस पर संशय है। करीब ढाई घंटे की बैठक के दौरान पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनके वार्डों की समस्याओं एवं विकास कार्यों को अनदेखा किया जा रहा है। नगर आयुक्त और महापौर से कहा कि लगता है कि नगर निगम कोई और ही चला रहा है। उनके वार्डों के विकास कार्यों के टेंडरों को हटा दिया जाता है और कोई और ही टेंडर लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को दोपहर दो बजे सदन की बैठक देवीलाल कॉम्प्लेक्स स्थित निगम परिसर के बेसमेंट में शुरू हुई। महापौर अवनीत कौर, वरिष्ठ उप महापौर दुष्यंत भट्ट, उप महापौर रविंद्र फुले और निगम आयुक्त यादवेंद्र सिंह की देखरेख सदन की बैठक हुई। शहर के सभी 26 वार्डों के पार्षदों ने अपने वार्डों की समस्याओं को रखा, लेकिन निगम अधिकारियों की ओर से विकास कार्य नहीं होने का उचित जवाब नहीं मिल सका। इस पर पार्षद उखड़ गए। बैठक में हंगामा शुरू हो गया और शाम करीब साढ़े चार बजे बैठक बेनतीजा खत्म हो गई।
शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन एवं सफाई में लापरवाही पर एजेंसी जेबीएम फिर निशाने पर रही। पार्षदों ने जेबीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की। इस पर निगम अधिकारियों और महापौर ने कहा कि नगर निगम जेबीएम पर अब तक 1.36 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा चुका है, जिसे अब तक चुकाया नहीं गया है। जेबीएम काम नहीं करेगी तो जुर्माना भी बढ़ता जाएगा। यह जुर्माना जमा कराना होगा। पार्षद शकुंतला गर्ग ने भी जेबीएम को घेरा। उन्होंने सेक्टर-25 के डंपिंग ग्राउंड की चहारदीवारी करने मांग की। साथ ही नगर निगम ने जेबीएम से कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की पंजीकरण संख्या, चालकों की जानकारी आदि दो दिन में तलब की है।
विज्ञापन

वार्डों में स्ट्रीट लाइट और बेंच नहीं लगाने पर पार्षद अंजलि शर्मा और लोकेश नांगरू ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसी भी वार्ड में न तो बेंच दी गई न ही स्ट्रीट लाइट ही आई हैं। वार्ड के लोगों के सवालों का जवाब उनके पास नहीं होता है। एमसी फंड खाली है और पार्षदों को उनके विकास कार्यों का पता नहीं है तो नगर निगम का क्या फायदा। ऐसे नगर निगम को ताला लगा दो। इस पर निगम अधिकारियों की ओर से जवाब मिला कि काम किया गया है। सभी पार्षद अपने वार्ड का दौरा कर पड़ताल करें। जिस पर पार्षद भड़क गए, उन्होंने कहा कि वे सदन की बैठक के अटेंडेंट रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि महापौर के कहने पर बुधवार शाम को ही 10 बेंच लगाई गई हैं, जिस पर पार्षद और नाराज हो गए। उन्होंने दो टूक कहा कि जब महापौर के कहने पर ही बेंच लगेंगी तो पार्षदों का क्या काम।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें