पानीपत रेलवे स्टेशन सुरक्षित नहीं है। पहले पानीपत में दीवाना रेलवे स्टेशन के पास 2007 में समझौता बम धमाका और अब रेलवे स्टेशन पर खड़ी पैसेंजर गाड़ी में धमाका हो गया।
आठ साल में दूसरा धमाका होने के बाद भी रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। रेलवे स्टेशन पर एक या दो नहीं पूरे नौ ऐसे प्वाइंट हैं जहां से कोई भी आसानी से घुस सकता है।
किसी भी प्वाइंट पर सुरक्षा पुख्ता नहीं है। रेलवे आईजी परमजीत अहलावत ने भी निरीक्षण के दौरान इन कमियों को पकड़ा। उनकी फटकार के बाद इन प्वाइंटों पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। पूरे रेलवे स्टेशन पर हर कदम पर पुलिसकर्मी तैनात है।
पानीपत रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर गाड़ी में बम धमाके के बाद रेलवे के साथ जीआरपी व आरपीएफ की सुरक्षा की पोल खुल गई। अमर उजाला माई सिटी ने शनिवार को एक बार फिर से सुरक्षा व्यस्था को देखा।
पानीपत रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वारा से लेकर कहीं पर भी सुरक्षा के प्रबंध नहीं मिले। धमाके के बाद रेलवे स्टेशन के चप्पे चप्पे पर पुलिसकर्मी तो तैनात मिले, लेकिन इन प्वाइंटों को अनदेखा रखा गया।
मुख्य द्वारा मेटल डिटेक्टर फटकार से बचने के लिए लगाया गया। एक दो पुलिसकर्मी तैनात रहे, लेकिन उनको किसी की कोई परवाह नहीं थी। वहीं मॉडल टाउन की तरफ भी कोई सुरक्षाकर्मी नहीं मिला। इसी तरह माल गोदाम, जाटल रोड, असंध रोड समेत स्टेशन में दाखिल होने वाले नौ में से किसी प्वाइंट पर सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं मिला।
आईजी असुरक्षा देखकर भड़के
आईजी रेलवे परमजीत अहलावत शनिवार को सुबह ही रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए थे। इसके बाद सायं के वक्त आईजी आरपीएफ संजय किशोर व एनआइए डीएसपी रणबीर त्यागी भी पानीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंचे।
जीआरपी आईजी परमजीत अहलावत ने रेलवे रेस्ट हाउस में रेलवे वेंडरों, ऑटो चालक, रेल वार्डन की बैठक लेने के बाद सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
वे रेलवे स्टेशन से बाहर की सड़क पर रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट से दाखिल हुए। वे खुद मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरे और वहां तैनात पुलिसकर्मियों से बात की।
उनको यहां पर असुरक्षा नजर आई और पुलिसकर्मियों से जानकारी ली। उन्होंने जीआरपी प्रभारी को ओर पुलिसकर्मी लगाने की हिदायत दी और हर यात्री को जांच के बाद आगे आने के निर्देश दिए। वे यहां से प्लेटफार्म नंबर एक से होते हु्ए जीआरपी थाने की तरफ पहुंचे।
माल गोदाम की तरफ के रास्ते पर एक भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं मिला। उन्होंने इतने ही दौरे में सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की और रेलवे स्टेशन की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए।
एसएस रैक के लिए डीसीपी से मिले
रेलवे के स्टेशन अधीक्षक धीरज कपूर ने जीआरपी डीएसपी से रैक के लिए बात की गई। उन्होंने कहा कि रैक न मिलने के कारण काफी काम प्रभावित हो रहा है।
यह रैक करीब 12 बॉगी का है। डीएसपी ने रैक देने से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि रैक दो दिन के बाद ही दिया जाएगा। अभी मामले की जांच की जा रही है, जांच पूरी होने के बाद ही रैक दिया जा सकेगा।
रेलवे स्टेशन पर एंट्री प्वाइंट पर 28 जवान तैनात
आईजी द्वारा रेलवे स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा के निर्देश के बाद जीआरपी डीएसपी सुरेश कौशिक ने रेलवे स्टेशन पर एंट्री प्वाइंटो पर करीब 28 जवानों को तैनात किया। बाकि कमांडो रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक, दो, तीन व चार पर दिनभर गश्त करते दिखाई पड़े। इसके अलावा कमांडो व अन्य पुलिसकर्मियों ने रेलवे स्टेशन पर आने वाली हर ट्रेन में संदिग्धों की जांच की।
खाद के कट्टों में लेकर आए थे विस्फोटक व अन्य सामान
रेलवे स्टेशन पर देर शाम पैसेंजर ट्रेन में धमाका करने वाले दो युवक बताए गए है। जिन्होंने डिब्बे में विस्फोटक पदार्थ रखा था। इस बात का खुलासा जीआरपी आइजी परमजीत अहलावत ने रेस्ट हाउस में बैठक के दौरान भी किया है। उन्होंने बताया कि धमाका करने वाले युवक हाथ में एक खाद के खाली कट्टे में छुपा कर नीली रंग की पॉलिथीन में विस्फोटक पदार्थ लेकर आए थे। जीआरपी एसएचओ के बयान पर 427/336 आइपीसी, रेलवे एक्ट 151,153,154, पीपीडीपी एक्ट-4, एक्ट-3, अनलॉफुल एक्टीविटी प्रवीजन एक्ट-16 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।