समालखा। पीडब्ल्यूडी ने मनाना बीएड कॉलेज रोड पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य दो महीने में पूरा करने का दावा किया है। अधिकारियों ने जिला स्तरीय जनता समाधान शिविर में मामला उठने के बाद इस बारे में लिखित में दिया है। अधिकारियों ने साथ ही इसमें देरी होने के कारण भी स्पष्ट किए हैं।
उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने इस समाचार को गत दिनों प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। एडवोकेट जोगिंद्रपाल सिंह राठी ने इस संबंध में आरोप लगाए हैं कि टेंडर की समय सीमा समाप्त होने के तीन साल बाद भी ओवरब्रिज बनकर तैयार नहीं हुआ है। पीडब्ल्यूडी ने ठेकेदार को किसी तरह का नोटिस नहीं दिया और न ही संबंधित पर अन्य कोई कार्रवाई की। जोगिंद्रपाल सिंह राठी ने बताया कि फाटक संख्या-44 दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर आरओबी बनाने का काम मई 2020 में शुरू किया था। इसका टेंडर पीएस इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड को दिया था। कंपनी को 18 महीने में काम पूरा करना था। जो नवंबर, 2021 में पूरा होना था। समय अवधि पूरी होने को तीन साल हो चुके हैं और काम आज तक पूरा नहीं हो सका है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित कंपनी को अंतिम भुगतान कर दिया गया है, जबकि 40 प्रतिशत काम अधूरा है।
पीडब्ल्यूडी ने अपने जवाब में ये बताए कारण ः पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने इस मामले में लिखित जबाब दिया है। उन्होंने बताया कि आरओबी का निर्माण कार्य अप्रैल 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। सर्विस रोड का काम कार्य जमीन अधिग्रहण के बाद पूरा किया जाएगा। मनाना रेलवे ओवरब्रिज के नजदीक कुछ पेड़ थे। इनको हटाने और स्थानांतरित करना आवश्यक था। विभाग को वन विभाग से हाल ही में एनओसी मिली है। इसके बाद काम शुरू कर दिया गया है। यहां बिजली की लाइनों के चलते परेशानी आ रही थी। इनको स्थानांतरित करना आवश्यक था। कोविड के कारण और आगे एनजीटी द्वारा जीआरपी के तहत लगाए गए प्रतिबंधों के कारण कई बार काम रुका रहा।
कई गांवों के लोगों को हो रही परेशानी ः उक्त फाटक पर काम शुरू होने के बाद से आवाजाही बंद है। इसके कारण लोगों को समालखा का लंबा चक्कर काटकर आना पड़ता है।