पानीपत। आर्य पीजी कॉलेज में आयोजित 46वें अंतर क्षेत्रीय युवा महोत्सव का शुक्रवार को दूसरा दिन का रहा। इसमें मंच पर प्रदेश की सभ्यता और संस्कृति की झलक दिखी। युवाओं ने रागिनी में हरियाणा की संस्कृति और संस्कारों का वर्णन किया। वहीं नाटक से समाज में व्याप्त बुराइयों से पर्दा उठाया। प्रस्तुतियां मनोरंजन के साथ जागरूकता से भरी हुई थी। ओपी शिंगला सभागार में रसिया ग्रुप डांस व हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोहा। महोत्सव का आयोजन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से किया जा रहा है।
दूसरे दिन का उद्घाटन मुख्यातिथि पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज, समाजसेवी हरपाल ढांडा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक अंकेश्वर प्रकाश,, जनसंचार विभाग के निदेशक डॉ. महा सिंह पुनिया, पानीपत अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के संस्थापक ओपी शर्मा और समाजसेवी मोहन लाल गर्ग रहे।
विधायक प्रमोद विज ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ कौशल पर काम करने की जरूरत है। अंकेश्वर प्रकाश ने कहा कि ऐसे युवा महोत्सव से विद्यार्थी अपने हुनर को पहचानते हुए जीवन में कुछ अच्छा सीखने और करने का निर्णय लेते हैं। हरियाणवी हास्य नाटिका एक ऐसी विधा है जिसमें प्रतिभागी आठ से 10 मिनट के अंतराल में एक नाटक के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों पर, समाज व सरकार और प्रशासन पर हास्य व्यंग्य से कटाक्ष करके समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास करते हैं।
हरियाणवी चुटकुले सुनाकर हंसाया
डॉ. महा सिंह पुनिया ने कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति को बचाने व सहेज कर रखने में योगदान देना होगा। महा सिंह पुनिया ने हरियाणवी चुटकुले सुनाकर सभी को हंसने पर मजबूर कर दिया। सायंकालीन सत्र में मुख्यातिथि चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद के कुलपति प्रो. डॉ. रामपाल सैनी रहे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसे महोत्सव में भाग लेने का ये लाभ होता है कि वो अपनी संस्कृति की जडों से जुड़ पाते हैं।
पौराणिक कथाओं से जीता दर्शकों का दिल
महोत्सव में स्टेज नंबर-छह पर सांग की विधा का मंचन हुआ जिसमें प्रतिभागियों ने पौराणिक कथाओं से दर्शकों का दिल जीत लिया। इसे देखने के लिए गांवों से भी लोग पहुंचे। सांग हरियाणवी संस्कृति की एक ऐसी विधा हैं जो प्राचीन समय से ही यहां के लोगों के मनोरंजन का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम था। सांग विधा में प्रतिभागी न केवल गाकर बल्कि गाने के साथ नृत्य भी करते हैं और जो वार्तालाप होती है वो भी सारी तुकबंदी में ही होती है। सांग की एक विशेषता यह भी होती है कि लड़के ही महिलाओं की भूमिका निभाते हैं। महोत्सव में विद्यार्थियों ने सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद, पंडित मांगे राम द्वारा बनाए गए सांग पर प्रस्तुति दी।
30 से ज्यादा वाद्ययंत्र बजाए
हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा की विधा में कॉलेज के विद्यार्थियों ने प्रस्तुति दी। हरियाणा के 30 से ज्यादा वाद्ययंत्र एक साथ बजाकर सबको थिरकने पर मजबूर कर दिया। हरियाणवी ऑर्केस्ट्रा युवा महोत्सव की एक ऐसी विधा है जिसमें प्रतिभागी ऐसे वाद्य यंत्र बजाते हैं जो वर्तमान में ज्यादा प्रचलित नहीं है या आज का युवा उनको भूला चुका है लेकिन युवा महोत्सव में उन विलुप्त होते वाद्य यंत्रों को दर्शकों के सामने बजाकर अपनी संस्कृति को बचाने और सहेजने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसमें कुल दस प्रतिभागी हिस्सा लेते हैं और एक प्रतिभागी तीन से चार-चार वाद्ययंत्र एक साथ बजाकर अपनी कला के प्रदर्शन से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर देते हैं। वाद्ययंत्र में शहनाई, बांसुरी, अलगोजा, सारंगी, चिमटा, नगाडा, ढोल, गढवा, बेंजू, मोरचंग, रावणहत्था व ढेरु होते हैं।
आर्य कॉलेज इंटर जोनल यूथ फेस्टिवल में शिक्षा मंत्री के बड़े भाई हरपाल ढांडा को सम्मानित करते
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