माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। ड्रेन नंबर-1 के साथ पैमाइश और तोड़फोड़ की कार्रवाई पर स्थानीय निवासियों द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद नगर निगम प्रशासन ने कब्जे हटाने की कार्रवाई फिलहाल रोक दी है। निगम अब दोबारा डीजीपीएस मशीन से जमीनों की सटीक निशानदेही कराएगा। इसके बाद ही कब्जे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। निगम की टीम पिछले दो दिनों में करीब 85 कब्जे हटा चुकी है।
लोगों की ओर से गलत पैमाइश के लगातार आरोप लगाए जाने के बाद नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने शनिवार को छुट्टी के दिन आपात बैठक बुलाई। निगम के एग्रो मॉल कार्यालय में मेयर कोमल सैनी और निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने अभियंत्रण शाखा, राजस्व विभाग और गठित विशेष कार्यबल के अधिकारियों के साथ पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की।
नगर निगम ने ड्रेन नंबर-1 के आसपास 237 कब्जाधारियों को नोटिस जारी किए थे। इसके तहत पिछले दो दिनों में संयुक्त आयुक्त मनी त्यागी के नेतृत्व में टीम ने सेक्टर-11 क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए करीब 85 अवैध कब्जे हटाए थे। कार्रवाई के दौरान कई प्रभावित लोगों ने विरोध दर्ज कराया और अधिकारियों को संपत्ति से संबंधित पक्के मालिकाना दस्तावेज दिखाए। लोगों का आरोप था कि निगम बिना सही निशानदेही के वैध निर्माणों को भी अवैध घोषित कर तोड़ रहा है।
दावे-आपत्तियों की मौके पर दोबारा होगी जांच : बैठक में स्थानीय लोगों की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों पर विस्तार से चर्चा हुई। मेयर कोमल सैनी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के नाम पर किसी भी नागरिक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की आपत्तियों की मौके पर जाकर दोबारा जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर कब्जे की स्थिति स्पष्ट नहीं है, वहां दोबारा निशानदेही कराई जाए। संबंधित व्यक्ति को उसकी संपत्ति की लंबाई-चौड़ाई और सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण की वास्तविक सीमा स्पष्ट रूप से बताई जाए। निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने कहा कि प्राप्त सभी आपत्तियों की मौके पर दोबारा जांच की जाएगी। इसके लिए डीजीपीएस मशीन की मदद ली जाएगी, ताकि जमीन की सटीक सीमा निर्धारित हो सके और किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
कब्जा हटाने की अपील
निगम आयुक्त ने शहरवासियों से अपील की कि जांच में यदि किसी जमीन पर कब्जा स्पष्ट रूप से अवैध पाया जाता है तो संबंधित लोग अपना कब्जा स्वयं हटा लें। बैठक में मौजूद राजस्व विभाग के तहसीलदार मनोज कुमार, नायब तहसीलदार वेद सैनी, जिला नगर योजनाकार, कार्यकारी अभियंता गोपाल कलावत और एचएसवीपी के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ जांच करने और संबंधित अभिलेखों का मिलान करने के निर्देश दिए गए।