माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। व्यासपीठ से कथावाचक पंडित बृजकिशोर शास्त्री ने कहा कि पुरुषोत्तम मास मनुष्य को भक्ति, सेवा और आत्मकल्याण का अवसर प्रदान करता है। श्री सनातन धर्म मंदिर सभा मॉडल टाउन में पुरुषोत्तम मास कथा के 25वें दिन बुधवार को कथा व्यास ने विभिन्न धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, सदाचार और प्रभु भक्ति का संदेश दिया।
पंडित बृजकिशोर शास्त्री ने विभिन्न धार्मिक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, सदाचार और प्रभु भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान ब्रह्मा का वरदान अचूक था। भगवान विष्णु ने हिरण्यकशिपु का वध करने के लिए अधिक मास का उपयोग बड़ी ही चतुराई से किया।
हिरण्यकशिपु ने कठोर तपस्या कर ब्रह्मा से ऐसा वरदान मांगा था। जिसे पाना असंभव जैसा था। उसने कहा मुझे कोई ऐसा वरदान दीजिए कि मेरी मृत्यु न दिन में हो न रात में, न घर के भीतर हो न बाहर, न मनुष्य से हो न पशु से, न किसी अस्त्र से हो न शस्त्र से और साल के 12 महीनों में से किसी भी महीने में मेरी मृत्यु न हो। ब्रह्माजी ने तथास्तु कह दिया।
हिरण्यकशिपु को लगा कि उसने मौत को चकमा दे दिया है। चूंकि साल में 12 ही महीने होते हैं। तब भगवान ने नरसिंह का रूप धारण कर अधिक मास में उसका वध कर भक्त प्रह्लाद की रक्षा की। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। मंदिर के प्रधान तरुण गांधी ने संजय भाटिया का स्वागत किया।