कौशल एवं रोजगारपरक शिक्षा देना इग्नू की प्राथमिकता : डॉ. धर्मपाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) देश में उच्च शिक्षा के लोकतंत्रीकरण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जो लोग कौशल आधारित और ज्ञान आधारित शिक्षा लेना चाहते है, उनके लिए इग्नू सबसे उपयुक्त विश्वविद्यालय है। इग्नू का उद्देश्य विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन करके उनके लिए उत्थान के समान अवसर उपलब्ध करवाना है। इग्नू रिमोट एरिया, गांव देहात के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाने का कार्य कर रही है। जिन विद्यार्थियों ने हाल ही में 12वीं कक्षा पास की है, उनके लिए इग्नू में अपार संभावनाएं उपलब्ध हैं। विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले की अंतिम तिथि 15 जुलाई है।
इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मपाल ने बताया कि इग्नू के अपने मिशन के अनुसार उच्च गुणवत्ता पर जोर देने के साथ-साथ एक लचीली और कम लागत वाली शिक्षार्थी केंद्रित शिक्षा प्रणाली के माध्यम से जन-जन तक उच्च शिक्षा पहुंचाने का कार्य कर रहा है। इग्नू ग्रामीण, शहरी, जनजातीय क्षेत्रों, शारीरिक रूप से दिव्यांगजनों, कैदियों, सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों के कार्मिकों, घर पर रहने वाले माता-पिता, सशस्त्र सेनाओं और अर्धसैनिक बलों के कर्मियों, नियोक्ताओं और पहले से कार्यरत लोगों आदि को शिक्षा प्रदान कर रहा है। इग्नू महिलाओं, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सुविधा वंचित समूहों, पूर्वोत्तर क्षेत्र और देश के जनजातीय क्षेत्रों तथा कम साक्षरता वाले क्षेत्रों की ओर विशेष रूप से ध्यान दे रहा है।
उन्होंने बताया कि इग्नू की पढ़ाई का तरीका बाकी विश्वविद्यालयों से कफी अलग है। इस विश्वविद्यालय में कक्षा शिक्षण पद्धति से नहीं पढ़ाया जाता है। यहां की शिक्षा सेल्फ लर्निंग, स्टडी मैटिरियल, काउंसलिंग सेशन, फेस टू फेस और टेली कॉन्फ्रेंसिंग के सिस्टम से होती है।