पानीपत। बिजली क्षेत्र में निजीकरण की नीतियों और लंबित मांगों को लेकर हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों और इंजीनियरों ने बुधवार को करीब चार किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकालकर जिला सचिवालय में ज्ञापन सौंपा।
संघर्ष मोर्चा ने 11, 12 और 13 अगस्त को तीन दिवसीय राज्यव्यापी पूर्ण हड़ताल का नोटिस भी जारी किया है। बुधवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी और इंजीनियर गोहाना रोड स्थित सर्कल कार्यालय से रोष मार्च निकालते हुए जिला सचिवालय पहुंचे।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता जितेंद्र पूनिया और राजेंद्र नैन ने की, जबकि मंच संचालन प्रमोद शर्मा ने किया। कर्मचारी नेताओं प्रवीन और बलराम राणा ने कहा कि बिजली निगमों के गठन के बाद व्यवस्था में सुधार होने के बजाय घाटा बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब हरियाणा एग्री डिस्कॉम नाम से नई कंपनी बनाने की तैयारी कर रही है, जबकि प्रदेश में किसानों के कृषि फीडर पहले से ही अलग हैं।
उन्होंने एग्री डिस्कॉम के गठन, समानांतर लाइसेंस जारी करने और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग की। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेता सुनील कुंडू ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिवसीय हड़ताल के दौरान सरकार ने कर्मचारियों की मांगें नहीं मानीं तो प्रदेश के कर्मचारी और इंजीनियर हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।