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एनआरआई से हो रही थी नाबालिग की शादी, प्रोटेक्शन अधिकारी ने रुकवाई

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प्रोटेक्शन अधिकारी ने शहर में एनआरआई के साथ तय की गई नाबालिग लड़की की शादी को रुकवा दिया। परिवार ने 24 घंटे पहले बड़ी बहन की शादी टलने पर उससे छोटी नाबालिग बेटी की शादी उसके एनआरआई प्रेमी से तय कर दी थी। सोमवार को दोनों की शादी होनी थी, लेकिन सूचना मिलने पर प्रोटेक्शन अधिकारी मौके पर पहुंची और शादी को रुकवा दिया। काउंसलिंग के दौरान पता चला कि शादी के बारे में एनआरआई प्रेमी को जानकारी नहीं थी। जबकि उसकी मां ने प्रेमिका की मां की परेशानी को देखते हुए शादी के लिए हामी भर दी थी।
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महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि उन्हें चाइल्ड हेल्पलाइन से सूचना मिली थी कि पुराना औद्योगिक क्षेत्र के भारत नगर में एक नाबालिग की शादी की जा रही है। वह टीम के साथ मौके पर पहुंची और जांच की तो आधार कार्ड में लड़की नाबालिग मिली। नाबालिग की मां ने बताया कि उनकी 19 वर्षीय बड़ी बेटी का रिश्ता सफीदों निवासी एक युवक से तय हुआ था। सोमवार को शादी थी, लेकिन रविवार को लड़के पक्ष ने कॉल कर अज्ञात कारण से शादी को फिलहाल टालने के लिए कह दिया। घर में मेहमान आने और सभी तैयारियां होने पर लड़की के परिजनों ने साढ़े 17 वर्षीय छोटी बेटी की शादी उसके एनआरआई प्रेमी से करवाने का निर्णय लिया और उसकी मां को कॉल कर रिश्ता पक्का कर दिया।
लड़की वालों का दुख समझ भर दी थी हां: एनआरआई की मां
अधिकारी के कार्यालय में एनआरआई प्रेमी और उसकी मां को पूछताछ के लिए बुलाया। जिसमें एनआरआई प्रेमी की मां ने बताया कि साढ़े 17 वर्षीय लड़की की मां का उनके पास रविवार को कॉल आया और बड़ी बेटी की शादी टल जाने की जानकारी दी थी। उन्होंने उनकी परेशानी को समझते हुए बेटे की शादी के लिए हां कर दी थी, लेकिन बेटे से जिक्र नहीं किया था। वहीं प्रेमी ने कहा कि उसे शादी का पता नहीं है, उसे पता था कि लड़की नाबालिग है, इसलिए उसने छह माह बाद शादी करने के लिए कहा था।
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- स्वर्गीय पति की पेंशन से चलता है घर
नाबालिग लड़की की मां ने बताया कि उसके पति रेलवे में ग्रुप डी के कर्मचारी थे और दो साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। उनकी पेंशन से ही घर खर्च चलातीं हैं। शादी में बहुत रुपये खर्च हो गए थे, सब व्यर्थ चला जाता इसलिए वह नाबालिग बेटी की शादी कर रहे थे।
वर्जन
शादी पर रोक लगवा दी गई है, दोनों पक्षों ने भी लिखित रूप में दिया है कि वह बालिग होने के बाद ही लड़की की शादी करेंगे। उन्हें दस्तावेज लेकर दोबारा कार्यालय बुलाया है, जिसके बाद आगे की जांच की जाएगी।
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- रजनी गुप्ता, महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी
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