पानीपत। अब जिले में डेंगू की रफ्तार लगभग थम चुकी है। पिछले 14 दिन में डेंगू का कोई नया केस नहीं आया है। इस साल डेंगू के कुल रोगियों की संख्या 331 रही है। वहीं अब ठंड बढ़ने से निमोनिया की ओपीडी सबसे अधिक बढ़ी है। बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। बाल रोग संबंध ओपीडी 200 से अधिक पहुंच चुकी है।
सर्दियों में ह्दय रोग संबंधी ओपीडी भी बहुत अधिक बढ़ चुकी है। जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिदिन ह्दय संबंधी 15-20 व ओपीडी में 50 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। पिछले 10 दिन में पानीपत में ह्दयघात से सात लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से दो मृतकों की आयु महज 40 वर्ष थी। डॉक्टर ह्दयरोगियों को ठंड से बचने का परामर्श दे रहे हैं। सर्दियों में चमड़ी रोग संबंधी ओपीडी भी 300 पार हो चुकी है। सबसे अधिक स्केबीज के रोगी आ रहे हैं। जो शरीर पर लाल दानों व खारिश से परेशान हैं।
फिजिशियन डॉ. जैसमीन कौर ने बताया कि सर्दी-जुकाम इसे कॉमन कोल्ड भी कहते हैं, जो तापमान में परिवर्तन के कारण होता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें यह जल्दी पकड़ता है। इसमें भाप, नमक के पानी के गरारे आदि काफी लाभदायक हैं। इसमें गर्म तरल पदार्थ का ज्यादा प्रयोग करना चाहिए। सर्दियों में हाइपोथर्मिया बीमारी होती है। इसमें हाथ-पैर ठंडे हो जाते हैं, सांस लेने में तकलीफ बनने लगती है। इसमें ज्यादा सावधानी बरतनी होती है। बच्चों में टॉन्सिल की समस्या आम होती है। गले में काफी दर्द होता है। खाना खाने में दिक्कत होती है, तेज बुखार भी हो सकता है। यह बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण से हो सकता है। इससे बचे रहने के लिए इस मौसम में ठंडी चीजों का प्रयोग करने से बचें।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ निहारिका ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन निमोनिया के मिल रहे हैं। खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित बच्चों की ओपीडी 80 से अधिक है। जरा सी लापरवाही से बीमारी की जद में आ सकते हैं। बच्चों का पूरा ध्यान रखें। उन्हें गर्म कपड़े पहना कर रखें। खांसी बुखार व जुकाम होने पर बच्चे को डॉक्टर को दिखाएं।
24jjrp15- बेरी। कार्यक्रम को संबोधित करते इंद्रेश कुमार। स्त्रोत- आयोजक- फोटो : udhampur