शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी ने नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। उनके निरीक्षण के वक्त निगम कार्यालय में एक भी अधिकारी नहीं मिला।
उनको बताया गया कि अफसर डीसी की मीटिंग में हैं। करीब डेढ़ घंटा बाद एक-एक कर अधिकारियों ने कार्यालय में पहुंचना शुरू किया।
फरियादियों ने विधायक के सामने निगम कर्मचारियों व अधिकारियों पर काम न करने और भ्रष्टाचार तक के आरोप लगाए। एक फरियादी ने टैक्स सुपरिंटेंडेंट के खिलाफ लिखित में शिकायत दी।
विधायक ने सबके सामने निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की हाजिरी ली। इस दौरान डीसी रेट पर कार्यरत 43 कर्मचारियों में से केवल 23 कर्मचारी मौजूद मिले, वहीं परमानेंट कर्मचारियों में से 11 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
रेवड़ी शुक्रवार सुबह 11 बजे नगर निगम के पालिका बाजार स्थित कार्यालय में पहुंची।
उन्होंने यहां पर मेयर सुरेश वर्मा से बात की और फरियादियों से समस्याओं के समाधान के बारे में जाना। अधिकारियों के एक साथ डीसी की मीटिंग में होने की बात पर विधायक ने हाजिरी रजिस्ट्री मंगवा लिया। विधायक के सामने सबसे ज्यादा हाउस टैक्स से संबंधित शिकायत आई।
हाउस टैक्स पर चली लंबी बहस
भाजपा नेता सुरेंद्र रेवड़ी ने कहा कि हाउस टैक्स से ही विकास होता है और इसी पर अधिकारी खेल खेल रहे हैं। वे कॉमर्शियल मालिकों से सेटिंग कर उनको रेजिडेंशियल में दिखा देते हैं और हाउस टैक्स ठीक नहीं करते। उन्होंने हाउस टैक्स का सर्वे दोबारा करने की बात रखी।
सचिव विनोद नेहरा ने एजेंसी की बजाय जेई से कराने की बात कही। इस एसई एनडी वशिष्ठ ने जेई पर पहले से ही काम का बोझ होने की कहकर किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की बात कही।
पार्षद बोले अधिकारी व कर्मी हर समय रहते मीटिंग में
पार्षद भी सूचना मिलते ही नगर निगम कार्यालय में पहुंच गए। वार्ड-10 के पार्षद अशोक कटारिया ने बताया कि वे कई बार निगम कार्यालय में पहुंचे हैं, लेकिन उनको यहां पर अधिकारी व कर्मचारी नहीं मिलते। पूछने पर डीसी के साथ मीटिंग में होने की बात कहते हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेंद्र रेवड़ी, मेयर सुरेश वर्मा, पार्षद अशोक कटारिया, हरीश शर्मा, राजू पाहवा, संजीव दहिया, रामरतन अग्रवाल, जयकुमार बिंदल, संजीत, सर्बजीत सिंह मौजूद रहे।
पार्षद व विधायक के बीच में भी तल्खी
विधायक के सामने कई पार्षदों ने विकास बराबर न होने के आरोप लगाए तो दोनों पक्षों में गरमागरमी हो गई। वार्ड-तीन व चार के पार्षदों ने टेंडर होने के बाद कैंसिल करने का आरोप लगाया। अकाउंटेंट ने बताया कि पार्षद कमिश्नर व दूसरे अधिकारियों से काम मंजूर करा लाते हैं।
वे उनका बजट मंजूर कर देते हैं। अब उसके पास बजट नहीं है। कई पार्षदों ने वार्ड-24 पर निशाना साधा और अकेले वार्ड में सबसे ज्यादा विकास होने की बात कही। निर्णय लिया कि सब टेंडर दोबारा होंगे और विधायक व सब पार्षद मिलकर तय करेंगे।
फरियादियों ने अधिकारियों के सामने जड़े आरोप
अमर भवन चौक निवासी प्रेम रानी ने बताया कि वह बच्चों के निवास प्रमाण पत्र के लिए निगम कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। कभी अफसर-कर्मी नहीं मिलते तो कभी मिलते भी हैं तो कागजों में कमी निकाल देते हैं।
फास्ट फूड संचालक हैप्पी ने बताया कि हाउस टैक्स को ट्रांसफर कराने के एवज में टैक्स सुपरिंटेंडेंट उनसे पैसों की मांग करता है। इंसार चौक निवासी शीलावंती ने बताया कि हाउस टैक्स अपने नाम कराने के लिए वह दो बार फाइल जमा करा चुकी हैं।
फाइल गुम होने की बात कहकर उनसे अब दुबारा फाइल बनाने को कहा जा रहा है। कृष्णपुरा निवासी शालू ने बताया कि उसके 80 गज के प्लाट में स्थित मकान का हाउस टैक्स की बजाय कामर्शियल टैक्स 45 हजार रुपये बनाया गया है। अफसर सुनवाई नहीं कर रहे हैं। अशोक मुखीजा ने कहा कि निगम अफसर आरटीआई लगाने पर भी सूचना नहीं दे रहे हैं।
विधायक बोलीं, सीएम के सामने रखेंगी रिपोर्ट
शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी ने लोगों की समस्या सुनकर कहा कि बाहरी कॉलोनियों में मोटे पैसे लेकर रजिस्ट्री कराई जा रही है। टैक्स में बड़ा खेल चल रहा है। लोगों ने कर्मचारियों व अधिकारियों पर पैसे लेने के आरोप लगाए हैं। वे पूरे मामले की रिपोर्ट सीएम के सामने रखेंगी और किसी भी भ्रष्ट कर्मचारी या अधिकार को बख्शा नहीं जाएगा।
नगर निगम में शहरी विधायक ने दौरा किया है। उनके सामने कई लोगों ने टैक्स सुपरिंटेंडेंट पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और इसकी लिखित शिकायत मिली है। इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी तरह की कमी मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अश्विनी मैंगी, संयुक्त आयुक्त नगर निगम पानीपत।