पानीपत। विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने और उनमें नवाचार की सोच विकसित करने के उद्देश्य से संचालित इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना में निजी स्कूलों की बेरुखी बरकरार है।
योजना के तहत ऑनलाइन आइडिया भेजने की अंतिम तिथि 15 सितंबर से बढ़ाकर 10 अक्टूबर कर दी गई थी।
इसके बावजूद जिले में आइडिया भेजने वाले विद्यार्थियों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी हुई है। 15 सितंबर तक जिले से 969 आइडिया भेजे गए थे, जबकि अंंतिम तिथि तक यह संख्या बढ़कर 976 पहुंची। यानी तिथि बढ़ाने के बाद करीब सात आइडिया ही बढ़े हैं।
जिले को चालू शैक्षणिक सत्र में 1400 नामांकन का लक्ष्य दिया गया है। इसके तहत जिले के सभी 176 राजकीय विद्यालयों से पांच-पांच आइडिया भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।
इसके बावजूद कुल नामांकन लक्ष्य से काफी कम हैं। निजी स्कूलों की भागीदारी भी निराशाजनक रही है। जिले के महज 22 निजी स्कूलों से लगभग 96 विद्यार्थियों ने अपने आइडिया भेजे हैं। अंतिम तिथि बढ़ने के बाद भी निजी स्कूलों की ओर से अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई गई।
चयनित विद्यार्थियों को मॉडल के लिए मिलेंगे 10 हजार रुपये
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के तहत कक्षा छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े मौलिक आइडिया आमंत्रित किए जाते हैं। चयनित विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट या मॉडल तैयार करने के लिए 10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है। इसके बाद विद्यार्थी जिलास्तरीय प्रदर्शनी और प्रतियोगिता में भाग लेते हैं। चयनित विद्यार्थियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
श्रेष्ठ 60 आइडियाज को राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित
राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ 60 आइडियाज को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले 60 आइडिया का राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन किया जाएगा। गत शैक्षणिक सत्र में जिले से 960 विद्यार्थियों ने अपने आइडियाज भेजे थे, जिनमें राज्य स्तर पर 20 आइडियाज का चयन हुआ था। यह योजना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, नई दिल्ली के अंतर्गत नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन की ओर से संचालित की जाती है। इसमें विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं के समाधान के लिए मौलिक विचार प्रस्तुत करने होते हैं। संवाद
इंस्पायर मानक अवॉर्ड योजना विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने के लिए शुरू की गई है। योजना के तहत विद्यार्थियों के मौलिक विचार आमंत्रित किए गए थे। निजी स्कूलों ने आइडियाज भेजने में विशेष रुचि नहीं दिखाई। हर साल जिले में सबसे ज्यादा आवेदन होते हैं। -संदीप संभ्रवाल जिला विज्ञान विशेषज्ञ पानीपत।