निजी एंबुलेंस एसोसिएशनों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को एंबुलेंस का पहिया जाम रखा। एंबुलेंस दिनभर अस्पतालों में ही खड़ी रही।
इससे सरकारी एंबुलेंस पर अतिरिक्त दबाव रहा। हड़ताल के चलते निंबरी निवासी मरीज को दिल्ली नहीं ले जाया जा सका। परिजनों को मजबूरन मरीज को शहर के ही निजी अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।
जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। निजी एंबुलेंस एसोसिएशन सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गई। दोनों एसोसिएशनों की 40 एंबुलेंसों के पहिये जाम रहे।
एसोसिएशनों ने राज्य सरकार से टैक्स कम करने की मांग की। एंबुलेंस संचालकों की हड़ताल के चलते मरीजों को खासी परेशानी हुई।
न्यू कृष्णा राम राज्य संस्था के प्रधान अमरजीत मान ने बताया कि पानीपत में उनकी 40 से अधिक एंबुलेंस हड़ताल पर हैं। राज्य सरकार ने एंबुलेंस पर टैक्स एक रुपये बढ़ाकर छह रुपये कर दिया है।
टैक्स बढ़ने से उन्हें अपनी रोजी रोटी के लाले पड़ गए है। सिर्फ हरियाणा ही एक ऐसा राज्य है जहां एंबुलेंसों पर टैक्स लगाया गया है। एंबुलेंस हड़ताल पर होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी जिम्मेदारी सरकार की है।
इस मौके पर कैलाश ग्रोवर, चमन लाल, कृष्ण लाल, अमरजीत मान,कपिल मल्हौत्रा,सुनील कुमार, आजाद सिंह, प्रकाश,रामनिवास, नफे सिंह मौजूद रहे।
मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी
सोमवार दोपहर को गांव निंबरी निवासी नरेंद्र की घर पर ही तबीयत खराब हो गई। परिवार के लोग नरेंद्र को अपनी गाड़ी में शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद नरेंद्र को दिल्ली रेफर कर दिया। परिजनों ने एंबुलेंस कंट्रोल रूम में फोन किया।
एंबुलैंस आपरेटरों ने हड़ताल के कारण चलने से मना कर दिया। करीबन एक घंटा परेशानी के बार परिजनों ने दोबारा गांव से कार मंगवाई। परिजनों को मजबूरन नरेंद्र को पानीपत के ही दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा।