पानीपत। सिविल अस्पताल में शनिवार को बच्चे को जन्म देने के बाद महिला की मौत हो गई। मौत की वजह अत्यधिक रक्तस्राव बना। परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है वहीं स्टाफ ने आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव घर ले गए। इस वर्ष डिलीवरी के बाद प्रसूता की मौत का यह तीसरा केस है।
गांव बबैल निवासी अशोक की 24 वर्षीय पत्नी एवं एक बेटी की मां मनीषा दूसरी संतान को जन्म देने वाली थीं। परिजन शुक्रवार सुबह उन्हें डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल में लेकर आए । पांच बजे स्टाफ नर्सों ने उसकी सामान्य डिलीवरी कराई लेकिन इसके बाद महिला का रक्तचाप कम हो गया। रात आठ बजे रक्तस्राव होने लगा। महिला रोग विशेषज्ञ को कॉल करके बुलाया गया और खून रोकने के लिए क्लॉट को निकाला गया। महिला की बच्चेदानी भी निकालनी पड़ी लेकिन रक्त रिसाव नहीं रुका। रात करीब नौ बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने देखभाल में लापरवाही बरती। डॉक्टर भी देर से आई, जिसकी वजह से मौत हो गई।
ससुर की तेरहवीं के दिन घर आया नया सदस्य
शुक्रवार को मनीषा से ससुर की तेरहवीं थीं। इस दिन जहां लड़के रूप में नया सदस्य घर आया वहीं मनीषा को परिवार ने खो दिया। दूसरी संतान के जन्म के बाद मनीषा समेत पूरा परिवार खुश और तभी रक्तस्राव शुरू हो गया और मनीष की जान चली गई।
एक साल में हुई 20 प्रसूताओं की मौत :
वर्ष 2021 में सिविल अस्पताल में डिलीवरी के बाद 20 महिलाओं की मौत हुई है। लगभग सभी महिलाओं की मौत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई है। कई केस में महिलाओं को अस्पताल में लाने पर देरी हुई, ये भी उनकी तबीयत बिगड़ने का कारण बना। इस वर्ष अब तक तीन महिलाओं की डिलीवरी के बाद मौत हो चुकी है।
समय पर डॉक्टर आ गए थे और स्टाफ भी वहीं था
कॉल करते ही डॉक्टर अस्पताल में आ गई थीं। महिला की मौत अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई है। डॉक्टर को महिला के गर्भाश्य की सर्जरी भी करनी पड़ी लेकिन रक्त रिसाव नहीं रुका। इलाज में लापरवाही का आरोप बेबुनियाद हैं। - सुमन पोरिया, इंचार्ज एवं सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, प्रस्तुति वार्ड