फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों का रेल रोको आंदोलन आज

विज्ञापन
pradarsan - फोटो : Panipat
विज्ञापन
कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के तहत किसानों ने वीरवार को देशभर में चार घंटे के लिए रेलवे ट्रैक पर बैठकर रेल रोकने का एलान किया है। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक रेल रोकी जाएंगी। इस दौरान दिल्ली-चंडीगढ़ रेल मार्ग पर पानीपत से सात ट्रेन गुजरतीं हैं। यह ट्रेन बाधित हो सकती हैं। वीरवार को दिल्ली से अंबाला रूट पर पैसेंजर ट्रेन भी दोबारा से शुरू की जा रही है, आंदोलन की वजह से यह भी बाधित रह सकती है। लोगों ने अपने आरक्षित टिकट कैंसल करा रहे हैं। दूसरी ओर खुफिया तंत्र और प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है।
विज्ञापन

जिले में किसानों ने टीडीआई पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर बैठने की प्लानिंग बनाई है, जो पूरी तरह से रेलवे व जिला प्रशासन के नजरों में रहेेगा। इसके अलावा रेलवे ने दो अन्य जगहों को अति संवेदनशील करार देते हुए यहां जवानों की दो कंपनियों को भी तैनात करने की रणनीति बना ली है। इसके अलावा समालखा स्टेशन के ट्रैक को भी संवेदनशील माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से रेलवे ट्रैक पर बैठकर धरना प्रदर्शन करेंगे। वे रेल रोककर यात्रियों को भी भंडारे का प्रसाद भी खिलाएंगे। इसलिए टीडीआई पुल के नीचे इस जगह को इसलिए चुना किया गया है क्योंकि ये जगह जीटी रोड के नजदीक है। यहां भंडारा करने में कोई समस्या न आए।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जीआरपी पुलिस ने मुख्यालय को दो जवानों की कंपनियों की डिमांड भेजी है। जीआरपी के पास फिल्हाल 15 जवान हैं। इसके अलावा मंगवाई गई कंपनियों में करीब पचास से ज्यादा जवानों के बुधवार शाम तक पानीपत पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा आरपीएफ के पास अब 15 जवान हैं, आरपीएफ ने भी 20 जवानों की डिमांड मुुख्यालय भेजी है, माना जा रहा है कि ये जवान भी बुधवार रात तक पानीपत में पहुंच मोर्चा संभाल लेंगे।
विज्ञापन

रेल रोको आंदोलन में संयुक्त किसान मोर्चा का दावा है कि वे किसानों के साथ मिलकर रेल मेें बैठे यात्रियों को भोजन खिलाएंगे। आंदोलन के दौरान उनका भंडारा चार घंटे तक जारी रहेगा। किसानों ने कहा कि जिस प्रकार चक्का जाम आंदोलन में भी उन्होंने जाम में फंसे यात्रियों को भंडारा खिलाया था उसी तरह से इस बार भी किसी भी यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। वे सभी यात्रियों तक खाना पहुंचाने का काम करेंगे।
रेल रोको आंदोलन की वजह से महज 24 घंटे में 46 यात्री अपनी रेलवे टिकट की बुकिंग कैंसल करवा चुके हैं। यात्रियों का कहना रहा कि किसानों के आंदोलन की वजह से रेल रोकी जाएंगी। जिससे वे अपने गंत्वय पर सही समय से नहीं पहुंच पाएंगे। इसलिए उन्होंने अपनी टिकटों को कैंसल करवाना उचित समझा है। वहीं कुछ लोगों ने आंदोलन में फंसने की वजह से होने वाली परेशानियों को जिक्र करते हुए इसे कैंसल करना बताया है।
कोरोना काल के बाद वीरवार से ही रेलवे ने एक पैसेंजर ट्रेन को कुरुक्षेत्र से निजामुद्दीन वाया पानीपत चलाने की अनुमति दी थी। ये ट्रेन पानीपत से दिल्ली तक चलनी थी। लेकिन दोबारा फिर से शुरू हो रही ये ट्रेन आंदोलन की वजह से पहले दिन ही अपनी निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पाएगी। अधिकारी बताते हैं कि सुबह के समय पैसेंजर ट्रेन चली तो जाएगी लेकिन शाम को रेल रोको आंदोलन के कारण ट्रेन वापस नहीं आ पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें