लुधियाना से मुस्लिम समुदाय के 300 से ज्यादा लोग मंगलवार को दिल्ली जा रहे थे, पानीपत टोल पर आते वक्त नमाज के समय हो गया। जिस पर समुदाय के लोगों ने काफिले के रोक कर पानीपत टोल पर ही नमाज अदा की, जिसके बाद उन्होनें पानीपत के किसानों को समर्थन दिया और कहा कि वह अपने हक की लड़ाई लड़े मुस्लिम समुदाय भी उनके साथ है। जहां भी उनको जरूरत होगी और कंधे से कंधा मिलाकर किसान आंदोलन करेंगे। यह काफिला लुधियाना के जामा मस्जिद से निकला था, जो दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसानों के समर्थन देने के लिए जा रहे है।
लुधियाना से दिल्ली बोर्डर के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग 100 से ज्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ निकले जिसमें उन्होंने पानीपत में रुककर नमाज पढ़ी व खाना खाकर दिल्ली के लिए रवाना हुए। वहीं मुस्लिम समुदाय से भरी एक बस भी उनके साथ काफिले में थी जिसमें पूरे हरियाणा के शाही इमाम उस्मान रूहानी भी मौजूद रहे। समर्थन देने के लिए जाने वाले मुस्लिम समुदायों के लोगों का कहना है कि पुरानी से लेकर नई सरकार सभी नें हिंदू मुस्लिम का भाईचारा तुड़वाने का काम किया है जिसमें उन्होंने नई-नई रंजिशें भी करी। मुस्लिमों का कहना है कि हिंदू-मुस्लिम सिख, ईसाई एक साथ हैं और रहेंगे।
लुधियाना से आए उस्मान रूहानी इमाम शाही का कहना है कि वह किसानों के समर्थन में है जो हमें दो वक्त के खाने के लिए खाना देता है और दिन रात खेतों में मेहनत करता है। सरकार को उनकी मांगों को मान लेना चाहिए जिससे वह शांति पूर्ण रूप से अपने घर चले जाए। आंदोलन को खत्म करने का अब सरकार के पास सिर्फ एक ही तरीका बचा है कानून वापिस लेने को जो सरकार को ले लेना चाहिए।