किसान आंदोलन को लेकर किसानों और सरकार के बीच चल रही रार बरकरार है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने गणतंत्र दिवस पर किसानों के विरोधाभास को लेकर पहले ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इस खतरे को जिला प्रशासन ने पहले ही भांपते हुए गणतंत्र दिवस पर शिवाजी स्टेडियम में होने वाले सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। अबकी बार गणतंत्र दिवस पर स्टेडियम में कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पाएगा, न ही एनसीसी कैडेट मार्च पास्ट करेंगे। अबकी बार सिर्फ स्टेडियम में पुलिस कर्मी ही परेड करते नजर आएंगे।
पानीपत में मुख्यमंत्री की ओर से ध्वजारोहण के विरोध का किसान ऐलान कर चुके हैं। जिसे लेकर जिला प्रशासन ने सबसे पहले गणतंत्र दिवस में शामिल होने वाले बच्चों को घर पर ही रहने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का मानना है कि गणतंत्र दिवस पर अगर कोई हंगामा होता है तो इसमें बच्चों के लिए खतरा बढ़ सकता है। इसे लेकर शुक्रवार शाम एएसपी पूजा वशिष्ठ शिवाजी स्टेडियम पहुंची और कहा कि बच्चों को गणतंत्र दिवस पर घर ही रहने दिया जाए।
गणतंत्र दिवस पर मुख्यातिथि के तौर पर सीएम मनोहर लाल के आने का कार्यक्रम तय है। सभी कार्यक्रम रद्द किए जाने की वजह से अब केवल यहां पुलिसकर्मियों की परेड ही देखी जा सकेगी। यह भी अनुमान है कि इस दौरान आमजन को भी शामिल नहीं होने दिया जाएगा, हालांकि अभी तक इसके आदेश नहीं आए हैं।
12 दिन से चल रही रिहर्सल गई बेकार, शुक्रवार को 20 स्कूलों का चयन होना था
गणतंत्र दिवस पर कार्यक्रम को लेकर पिछले दो सप्ताह से बच्चे रिहर्सल कर रहे थे। 12 दिन तक परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम की रिहर्सल करने के बाद शुक्रवार की शाम को सभी को स्टेडियम से लौटना पड़ा। 20 स्कूलों के बच्चे गणतंत्र दिवस की तैयारियों को लेकर रिहर्सल कर रहे थे और शुक्रवार को इनमें से 20 ते आ रहे हैं। शुक्रवार को इनमें से दस स्कूलों के बच्चों को सलेक्ट किया गया था। जिन्हें शाम को वापस घर भेज दिया गया है।