जिले की अनाज मंडियों में पीआर धान खरीद शुरू के समय को दो दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक धान की खरीद नहीं हो पाई है। सरकार की आढ़त विरोधियों नीतियों के खिलाफ आढ़तियों ने भी धान खरीदने से अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। पिछले दो दिन से अनाज मंडी में कोई खरीद एजेंसी न आने की वजह से किसानों, आढ़तियों व मजदूरों में सरकार के खिलाफ खासा रोष है। इसके चलते अनाज मंडी के आढ़तियों, किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च निकाला और मार्केट कमेटी के कार्यालय पर ताला जड़ दिया।
इस दौरान सैकड़ों की तादाद में किसान, आढ़ती व मजदूर इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ धावा बोला। आढ़ती व किसानों ने बताया कि इस बार सीजन में पिछले सीजन से करीब एक हजार रुपये धान का रेट कम आया है, जिससे किसान को प्रति एकड़ करीब बीस हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। अपनी फसलों के साथ किसान दिन-रात अनाज मंडियों में पड़े हैं, लेकिन धान खरीदने के लिए ही कोई नहीं आ रहा है।
इस मौके पर पानीपत अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि पीआर धान की खरीद को लेकर सरकार ने कई ऐसी शर्तें लगाई हैं, जोकि गलत हैं। जब तक उनका समाधान नहीं होता तब तक पानीपत जिला की मंडियों में आढ़ती पीआर धान नहीं खरीदेंगे। विरोध प्रदर्शन में उनके साथ दुलीचंद उपप्रधान, दिनेश कुमार महासचिव, तेजबीर जागलान, हवा सिंह कादियान, जयभगवान गोयल, मनोज मलिक, रविंद्र बिंझौल, धर्मबीर कादियान, कृष्ण अहलावत, पालु गोयल आदि आढ़ती मौजूद रहे।
दस दिन से हैफेड में पड़ा मक्का
प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि सरकार ने किसानों के लिए मार्केट कमेटी, डीएफएससी, हैफेड जैसे बड़े-बड़े दफ्तर तो खोले हैं, लेकिन किसानों के काम कोई नहीं आ रहा है। एक किसान ने बताया कि हैफेड में पिछले दस दिन से उसकी मक्का की फसल पड़ी है, जिसकी खरीद नहीं हो पाई है। मलिक ने कहा कि मक्के के साथ कपास, दालों व सरसों बेचने आ रहे किसानों को भी परेशानी हो रही है। न रेट मिल पा रहे हैं, न आढ़तियों को उनकी मजदूरी मिल रही है।
कृषि उपकरणों में भी धांधली
मलिक ने बताया कि रोटावेट को अगर किसान मार्केट से लेगा तो ये उसे 90 से 95 हजार में मिलेगा, जबकि सरकार की सब्सिडी से लेगा तो उसे यही रोटावेट एक लाख 10 हजार का मिलेगा। इसके अलावा 18 प्रतिशत करीब बीस हजार रुपये जीएसटी। वहीं, किसानों के लिए कैंटीन घोषणा होने के बाद भी आज तक नहीं बन पाई, ये सिर्फ कागजों में ही चल रही है।
ये बोले किसान
किसान महासिंह बबैल, सतीश मांडी, पहल सिंह छाजपुर, रणबीर दिवाना आदि ने बताया कि वे कई दिन से अपने धान की ढेरियों का दिन रात पहरा देना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राइस मिलर व सरकार की लड़ाई का खामियाजा बेवजह किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, बोले
पानीपत जिला परिषद के सीईओ विवेक चौधरी ने भी अनाज मंडी में पहुंचकर जानकारी ली। सेक्टर 29 थाना प्रभारी राजबीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। मार्केट कमेटी के सचिव नरेश मान ने बताया कि पानीपत मंडी में एफसीआई द्वारा पीआर धान सरकारी भाव पर खरीदा जाना है, लेकिन राइस मिलर की हड़ताल के चलते खरीद नहीं हो पा रही है।