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निगम हाउस की बैठक से ठीक पहले कपूर लघुसचिवालय के बाहर करेंगे कूड़ा घोटाले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

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नगर निगम द्वारा कूड़ा उठाने के काम और इसकी कंपनी अब दिनों दिन आरोपों के घेरों में फंसती जा रही है। इसे लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर अब खुले तौर पर निगम आयुक्त व मेयर पर भ्रष्टाचार के आरोप जड़ रहे हैं। पीपी कपूर खुद ही जेबीएम कंपनी को दिए टेंडर पर घोटालों का आरोप लगा इसके खिलाफ निगम हाउस की मीटिंग से ठीक पहले सात सितंबर को लघु सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी तक दे चुके हैं। इसके बाद सीएम के नाम ठेका रद्द करने का ज्ञापन भी देंगे।
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पीपी कपूर बताते हैं कि नियमानुसार जेबीएम कंपनी के सही काम न करने पर निगम उसे जुर्माना लगा सकता था। लेकिन बार-बार शिकायत करने के बाद सिर्फ इसलिए जुर्माना नहीं लगाया गया कि कहीं कूड़ा उठान कंपनी का टेंडर रद्द न हो जाए। उन्होंने बताया कि नियमों में ये साफ लिखा हुआ है कि अगर कंपनी को सात लाख या इससे अधिक का जुर्माना लगाया जाता है तो कंपनी का टेंडर रद्द किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर टेंडर रद्द हो जाता तो शहर के नेताओं और अधिकारियों को मोटा कमीशन कौन देता।
ठेका रद्द करने का प्रस्ताव पास फिर भी 16.50 करोड़ की पेमेंट
उन्होंने कहा कि अगर जेबीएम का ठेेका रद्द करने का फैसला सही लिया होता तो प्रस्ताव पास करवाने के बाद इसका फीडबैक क्यों नहीं लिया गया। वहीं प्रस्ताव पास करने के बाद 16.50 करोड़ रुपये की पेमेंट भी डिफाल्टर कंपनी को कर दी गई। कपूर ने बताया कि मजदूर संगठन इस घोटाले का पर्दाफाश करते हुए भ्रष्टाचारियों के चेहरे बेनकाब करेगा।
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पर्चे बांट मेयर व कमिश्नर से कपूर ने पूछे ये पांच सवाल
आज तक जेबीएम कंपनी पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया गया, इसका कारण बताएं?
ठेका रद्द करनेे प्रस्ताव पास करने के बाद भी कंपनी को 16.50 करोड़ की पेमेंट क्यों की गई?
जेबीएम कंपनी की ठेका रद्द करने की फाइल किसने गायब करवाई ?
प्रस्ताव पास करने के बाद इसकी पैरवी क्यों नहीं की गई?
पीएमयू की मॉनिटरिंग व अप्रूवल के बिना ही करोड़ों रुपये की पेमेंट क्यों की गई?
जेबीएम के विरोध की जनता से की अपील
पीपी कूपर ने अपने पर्च में जेबीएम के खिलाफ अभियान चलाते हुए कहा कि जेबीएम कंपनी जनता से कूड़ा उठान का पैसा ले रही है। उन्हें कंपनी को ये पैसा न देकर इसका विरोध करना चाहिए। इस संघर्ष में उनका साथ देना चाहिए।
बेबुनियाद आरोप : जेबीएम
कंपनी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कर रही है। सैकड़ों व्हीकल और आदमी काम कर रहे हैं। पूरे देश में कहीं भी एक रुपया किलो कूड़ा उठान का काम नहीं है। हम एक रुपये किलो में कूड़ा उठा रहे हैं, तो घोटाला कहां है, सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
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कमांडर राजेंद्र सिंह, जनरल मैनेजर, जेबीएम।
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