संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। मानसून की कमजोर सक्रियता और लगातार बनी उमस ने जिले में बिजली की मांग को फिर बढ़ा दिया है। शुक्रवार को जिले में कुल बिजली खपत 167.92 लाख यूनिट दर्ज की गई। शनिवार को दिनभर उमस और प्रचंड गर्मी के कारण बिजली की मांग में और बढ़ोतरी के आसार रहे। बिजली की बढ़ती मांग के कारण कई फीडरों पर ओवरलोडिंग की स्थिति बनी रही। घोषित शटडाउन के अलावा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों अघोषित बिजली कट लगे, जिससे लोगों को दिन और रात दोनों समय परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में बार-बार फ्यूज उड़ने और ट्रिपिंग की शिकायतें भी सामने आईं।
शनिवार को 33 केवी नारा सब डिविजन में सुबह 6 से 10 बजे तक चार घंटे का घोषित शटडाउन रहा, जिससे नारा और जोशी क्षेत्र प्रभावित रहे। 132 केवी चंदौली सब स्टेशन के अंतर्गत सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक रखरखाव कार्य के कारण पेप्सी अर्बन, जीएस स्पिनिंग और 11 केवी अन्नपूर्णा इंडस्ट्री फीडर की बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा 33 केवी सिवाह सब डिविजन के 11 केवी नांगल खेड़ी फीडर पर भी दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रही।
बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार कृषि और औद्योगिक क्षेत्र में सबसे अधिक बिजली की खपत दर्ज की जा रही है। धान और अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को लगातार बिजली की आवश्यकता पड़ रही है, जबकि उमस के कारण घरेलू और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का उपयोग बढ़ने से लोड लगातार ऊंचा बना हुआ है।
तीन दिन की क्षेत्रवार बिजली खपत (लाख यूनिट में)
दिन
कृषि
ग्रामीण
शहरी
औद्योगिक
कुल
29 जुलाई
35.19
20.82
43.65
62.82
162.48
30 जुलाई
36.54
24.33
47.50
62.65
171.02
31 जुलाई
36.01
23.68
46.21
62.02
167.92
कृषि क्षेत्र पर बढ़ा दबाव
धान की सिंचाई का समय होने के कारण कृषि क्षेत्र में लगातार 36 लाख यूनिट के आसपास बिजली की खपत बनी हुई है। बढ़ती उमस और कम वर्षा के कारण किसानों की निर्भरता ट्यूबवेलों पर बढ़ गई है। ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित होने से सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है और किसानों को रात के समय भी खेतों में जाना पड़ रहा है।
बढ़ती बिजली मांग के बीच उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति देने का प्रयास किया जा रहा है। आवश्यक रखरखाव कार्यों के लिए कुछ स्थानों पर पूर्व निर्धारित शटडाउन लिया गया। ओवरलोडिंग वाले क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा रहा है।
- आदित्य कुंडू, कार्यकारी अभियंता, सब अर्बन डिविजन, पानीपत।