पानीपत। नगर निगम के एक और विकास कार्य पर सवाल उठ गए हैं। ठेकेदार ने वार्ड-नौ में 28 से 30 लाख रुपये के एक नाले में कम गुणवत्ता की सामग्री लगा दी। इसके साथ पहले से जमा दूषित पानी में ही नाले का निर्माण करा दिया। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता करनाल की टीम ने शिकायत के आधार पर पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर को साथ लेकर नाले की निर्माण सामग्री के सैंपल लिए हैं। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के विकास कार्यों की जांच करने पर नगर निगम के ठेकेदारों के साथ अधिकारी भी चिंतित हैं।
मुख्यमंंत्री उड़नदस्ता के सब इंस्पेक्टर राजसिंह, पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर तरुण वीरवार को वार्ड-नौ में विवादित नाले पर पहुंचे। ठेकेदार ने शुभम ने किला चौक से श्रीराम चौक तक इस नाले का निर्माण किया था। टीम ने यहां दो-तीन जगह से सैंपल लिए हैं। टीम के प्रभारी राज सिंह ने बताया कि नाला निर्माण की शिकायत मिली थी। इसी के आधार पर इंजीनियर को साथ लेकर मौका मुआयना किया और यहां से सैंपल लिए हैं। इनको जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई के लिए सिफारिश की जाएगी। वार्ड-9 के पार्षद नवल जिंदल ने 25 मार्च को शपथ ली थी। उन्होंने अगले दिन ही नाला निर्माण में कमतर सामग्री लगाने की शिकायत मिली थी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर काम को देखा था। नाला निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयाेग किया जा रहा था। यहां दूषित पानी में नाला बनाया जा रहा था। उन्होंने इसके बाद काम रुकवा दिया था।
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निगम ठेकेदार को दे चुका नोटिस
नगर निगम के जई अजय छौक्कर ने बताया कि किला चौक से श्रीराम चाैक तक नाला निर्माण का 28-30 लाख का टेंडर था। यह काम ठेकदार शुभम जैन को दिया था। स्थानीय लोगों ने नाला निर्माण में सामग्री सही प्रयोग न करने की शिकायत दी थी। ठेकेदार को उस समय नोटिस दिया था। वहीं ठेकेदार शुभन जैन ने बताया कि नाला निर्माण में गुणवत्तापूर्वक सामग्री का प्रयोग किया गया है।