फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: पॉलिएस्टर यार्न के रेट 10 प्रति तक बढ़े, पुराने ऑर्डर पूरा करने में टेक्सटाइल उद्यमियों के छूटे पसीने

विज्ञापन
फैक्टरी में काम करते कारीगर। स्रोत : आर्काइव
विज्ञापन
जगमहेंद्र सरोहा
विज्ञापन

पानीपत। हैंडलूम और टेक्सटाइल नगरी पानीपत के उद्यमियों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पश्चिमी एशिया में जारी तनाव और वैश्विक अस्थिरता के चलते पॉलिएस्टर यार्न (धागे) की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो गई है। कच्चे माल के दाम अचानक बढ़ने से उद्यमियों के लिए पुराने रेट पर लिए गए ऑर्डर पूरे करना चुनौती बन गया है।
पानीपत का टेक्सटाइल उद्योग बड़े पैमाने पर पॉलिएस्टर यार्न पर निर्भर है। यहां बनने वाले पर्दे, बेडशीट, मैट्रेस फैब्रिक और 3-डी चादरों की देश-विदेश में मांग है। जिले से करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता है, जबकि घरेलू बाजार भी करीब 80 हजार करोड़ रुपये का है।
विज्ञापन

उद्यमियों का कहना है कि अमेरिका के टैरिफ विवाद के बाद निर्यात पहले ही प्रभावित हुआ था। अब पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में केमिकल, क्रूड ऑयल और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने से कच्चे माल की कीमतों में तेजी आई है। इसका सीधा असर पॉलिएस्टर यार्न के रेट पर पड़ा है।
विदेशी खरीदारों से ऑर्डर कई महीने पहले तय कीमतों पर लिए जाते हैं। ऐसे में अचानक कच्चे माल की कीमत बढ़ने से पुराने दामों पर माल तैयार करना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। कई इकाइयों में उत्पादन की गति धीमी हो गई है और उद्यमी नए ऑर्डर लेने से भी बच रहे हैं।
उद्यमी गुलशन मल्होत्रा ने बताया कि कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी से तैयार उत्पाद की लागत काफी बढ़ गई है। विदेशी खरीदार पुराने रेट पर ही माल की आपूर्ति चाहते हैं, लेकिन मौजूदा कीमतों पर उत्पादन करने से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार को कच्चे माल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए।
उद्यमी श्रीभगवान अग्रवाल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रही उथल-पुथल का असर पानीपत के टेक्सटाइल उद्योग पर पड़ रहा है। यार्न के दाम 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ने से उद्यमी नए ऑर्डर लेने में सावधानी बरत रहे हैं। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो उद्योग को आने वाले समय में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन


क्रूड ऑयल और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने का असर
पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के कारण क्रूड ऑयल और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ी है। इसका सीधा असर पॉलिएस्टर यार्न की कीमतों पर पड़ा है। पानीपत का टेक्सटाइल उद्योग पहले ही वैश्विक मंदी की मार झेल रहा था। ऐसे में यार्न के दाम बढ़ना उद्योग के लिए दोहरा झटका है।

विनोद धमीजा, प्रधान, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स (पानीपत)।

फैक्टरी में काम करते कारीगर। स्रोत : आर्काइव

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें