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बेहद कम प्रदूषण वाले बीएस-6 पेट्रोल का उत्पादन पानीपत रिफाइरी में शुरू

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पानीपत। यूरोपियन देशों के मानक यूरो-6 की तरह ही पानीपत रिफाइनरी में बीएस-6 पेट्रोल का उत्पादन शुरू हो गया है। अब यहां बीएस-6 मानक के तहत ही पेट्रोल या डीजल का उत्पादन किया जाएगा। इस ग्रेड के पेट्रोल आपूर्ति की पहली खेप दिल्ली की मांग को पूरा करने के लिए बुधवार को पानीपत-दिल्लीपाइपलाइन की ओर से इंडियनऑयल के टिकरी कलां दिल्ली आपूर्ति टर्मिनल के लिए रवाना की गई। बीएस-6 पेट्रोल से वाहनों के धुएं से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी। दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्र में बीएस-6 पेट्रोल के जरिए हवा में पीएम-2.5 और पीएम-10 के कणों की संख्या में कमी है, इससे वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने में कामयाबी मिलेगी।
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जांच में पेट्रोल सौ फीसदी बीएस-6 मानक पर खरा: संजय भटनागर
पानीपत रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक (पीआरपीसी) संजय भटनागर, कार्यकारीनिदेशक(एनआरपीएल) वीसी सती, मुख्यमहाप्रबंधक (तकनीकीसेवाएं) मनोज शर्मा, मुख्यमहाप्रबंधक (तकनीकी)कौशिक बसु, मुख्यमहाप्रबंधक (ऑपरेशन)(एनआरपीएल)टीके बेरा ने नारियल तोड़कर बीएस-6 प्लांट की शुरुआत की। जी-प्लस यूनिट को रिवैंप करने के बाद सौ फीसदी बीएस-6 पेट्रोल का उत्यादन शुरू किया गया। इसी के साथ ही दिल्ली को बीएस-6 मानक के पेट्रोल की मांग की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी हो गई है। इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक संजय भटनागर ने कहा कि इस पेट्रोल के सैंपल की जांच की गई, जिसमें यह सौ फीसदी बीएस-6 के मानक पर खरा पाया गया। एक बोतल में इस ईंधन को भरकर वीसी सती को स्मृति चिह्न के रूप में प्रदान किया गया।
- वर्ष 2020 के शुरू में ही सौ फीसदी उत्पादन होगा
कार्यकारी निदेशक संजय भटनागर ने बताया कि यह परियोजना सही समय पर स्थापित कर ली गई है। यह उपलब्धि स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए इंडियन ऑयल की प्रतिबद्धता को और अधिकबढ़ाएगी। उन्होने कहा कि इंडियनऑयल की सशक्तटीम पीआरपीसी वर्ष 2020 के शुरू में ही पूरी तरह से बीएस-ङ्कढ्ढ डीजल और पेट्रोल का उत्पादन शुरू कर देगी।
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- आए समझे बीएस-6 और बीएस-4 ईंधन में फर्क
बीएस-6 और बीएस-4 मानक के ईंधन में मुख्य फर्क उसमें मौजूद सल्फर की मात्रा है। जहां बीएस-4 मानक के ईंधन में 50 पार्ट्स प्रति मिलियन (पीपीएम) सल्फर है वहीं बीएस-6 में यह महज 10 पीपीएम है। इसके साथ ही पेट्रोल के वाहनों में नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मात्रा को 25 फीसदी तक कम होगी।
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