किला मैदान पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने रोजाना हो रही चोरियों की की समस्या और किलावासियों को मालिकाना हक दिलाने की बात उठी।
दुकानदार और व्यापारियों ने शासन और प्रशासन पर अनदेखी बरतने का आरोप लगाया। पूर्व सीएम ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला और भाजपा को भाषणों और छलावे की पार्टी बताया। उन्होंने मंच से खुली चुनौती दी कि भाजपा घोषणाओं को अमलीजामा पहना दें तो वे सरकार को सफल मानेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सोमवार सुबह नौ बजे किला मैदान स्थित समाजसेवी और कांग्रेस के युवा नेता संजय वर्मा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने पानीपत को दिल्ली का तख्त पलटने वाला शहर बताया।
उन्होंने कहा कि पानीपत से उनका पुराना संबंध रहा है। महात्मा गांधी आजादी की लड़ाई के वक्त पानीपत के किला मैदान पर आए थे। उनके पिता रणबीर सिंह हुड्डा उनके साथ थे। उनका पानीपत से व्यक्तिगत और ऐतिहासिक जुड़ाव है।
उन्होंने संघर्ष के दिनों में पानीपत की धरती पर ही ललकार रैली की थी और इसी माटी से शुरू संघर्ष के बाद राजनीति के क्षेत्र में सफलता मिली थी।
वीरेंद्र सिंह उर्फ बुल्ले शाह ने कहा कि शहर का हर व्यक्ति कांग्रेस के साथ है और वे भाजपा को समर्थन देने के बाद खुद को ठगा हुआ सा महसूस कर रहे हैं।
वे शहरवासियों के सुख दुख के साथी हैं और उनको किसी तरह की परेशानी नहीं आने देंगे। इस मौके पर पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, समालखा के पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर, डॉ. जसबीर जागलान, खुशीराज जागलान, पूर्व चेयरमैन रमेश मलिक, निशांत सोनी, राजीव सोनी, अनिल मदान, डॉ. श्यामलाल, बलजीत सिंह, दर्शन लाल वधवा, जगजीत सिंह झिंडा, धर्मेंद्र अहलावत मौजूद रहे।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सामने किलावासियों को मालिकाना हक देने की मांग उठी। लोगों ने कहा कि यह पुराना पानीपत माना जाता है, लेकिन यहां के लोगों को आज तक मालिकाना हक नहीं मिला।
वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। नगर निगम उनको कभी भी नोटिस थमा देता है। पूर्व सीएम ने कहा कि किलावासी उनसे मिले थे, लेकिन उस वक्त बहुत देरी हो चुकी थी। उन्होंने इन सबके बीच भी कार्रवाई शुरू कर दी थी। प्रदेश सरकार उनको मालिकाना हक देती है तो वे उनके धन्यवादी होंगे। ऐसा नहीं होता है तो वे समय आने पर उनको हक देकर रहेंगे।
बाजार के दुकानदारों और व्यापारियों ने कहा कि प्रदेश में सरकार बदलते ही चोरियां शुरू हुई थी और सात माह में शहर में चोरी की करीब पांच सौ वारदात हो चुकी हैं।
बाजार एसोसिएशन पुलिस अधिकारियों से लेकर सरकार के नुमाइंदों तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। उनको रात को अपने माल की चिंता दिन के वक्त की बिक्री से ज्यादा रहती है। पूर्व सीएम ने उनको समय आने पर बेहतर प्रबंध करने का भरोसा दिलाया।