गांव नौहरा निवासी एक व्यक्ति को ओझा को पैसे देने के बाद भी अपने घर से
गायब पैसों को सुराग नहीं लगा। व्यक्ति ने ओझा के कहे अनुसार भैंस का भी
दान किया था।
जानकारी के अनुसार गांव नौहरा निवासी बलवान के घर से चार दिन पहले 35 हजार
रुपये गायब हो गए। उसके यहां घिसाई का काम कर रहा सोदापुर निवासी संदीप ने
उससे कहा कि वह एक ओझा को जानता है।
जो जाते ही पैसों के बारे में बता देगा, कि पैसे किसने चुराए हैं। पैसों की
खातिर बलवान करनाल के कैमला गांव में ओझा के पास चले गए। ओझा ने बलवान से
5100 रुपये ले लिए और कहा कि भैंस दान करनी पड़ेगी नहीं तो घर में किसी की
जान जा सकती है।
उसने कहा कि दान के बाद तीन दिन में पैसे भी मिल जाएंगे और कोई कष्ट नहीं
होगा। बलवीर ने भैंस भी दान कर दी। लेकिन सात दिन बाद भी पैसे नहीं मिले।
जब पैसे न मिलने की बात वह संदीप को बताने गया तो संदीप भी अपना सामान
छोड़कर गायब हो चुका था। सोमवार को गांव की पंचायत ओझा से भैंस लेने कैमला
गई है।