अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर जिले में नेताओं ने अपनी गाड़ियों से लालबत्ती उतार दी, लेकिन अधिकारी अभी तक बत्ती के रुतबे से बाहर नहीं निकल पा रहे। उनकी गाड़ियों पर पीली और नीली बत्तियाें अभी तक चमक रही हैं। वीरवार को गुहला एमएलए कुलवंत बाजीगर ने खुद अपनी गाड़ी से लालबत्ती उतार दी तो शुक्रवार को निर्दलीय विधायक प्रो. दिनेश कौशिक ने अपनी गाड़ी से लालबत्ती उतार दी। इसके बाद भी जिले के अधिकारी अपनी गाड़ियों पर लगी बत्तियों का मोह नहीं त्याग पा रहे।
लघु सचिवालय के प्रवेश द्वार पर शुक्रवार को डीसी, एसपी, डीएसपी, एडीसी सहित तमाम अधिकारियों की गाड़ियां खड़ी थीं। इन पर पीली और नीली बत्तियां भी लगी थीं। हालांकि वीरवार शाम को डीसी संजय जून ने कहा था कि सरकार के आदेश मिलने के बाद उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, नेताओं ने आदेश आने से पहले ही बत्तियां उतार दी हैं।
मुख्य संसदीय सचिव भी बिना बत्ती की गाड़ी में पहुंचे
मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क शुक्रवार को पंचायत भवन में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे। इस दौरान उनकी गाड़ी पर लालबत्ती नहीं थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल के बाद उन्होंने भी अपनी गाड़ी से लालबत्ती उतार दी है।
विधायक कौशिक ने हटाई पीली बत्ती
पूंडरी। मोदी सरकार के लालबत्ती कल्चर खत्म करने के फरमान का असर आज पूंडरी में देखने को मिला। हलका विधायक दिनेश कौशिक ने शुक्रवार को अपने वाहन से पीली बत्ती हटाकर वीआईपी कल्चर को बाय-बाय कर दिया। इस मौके पर हलका विधायक ने कहा कि सरकार का ये निर्णय आम आदमी और वीआईपी के बीच की खाई को पाटेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार आम आदमी के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। भाजपा सरकार मेें जो भी नीतियां बनाई जा रही हैं, वो आम आदमी को ध्यान में रखकर ही बनाई जा रही हैं। विधायक ने अपने निवास पर हलके के कई गांवों से आये लोगों की समस्याएं भी सुनीं। इस मौके पर पूर्व सरपंच कर्ण सिंह पाई, जरनैल सिंह, सुनील कुमार, बलदेव ठठई, सोहनलाल पोसवाल, अमन म्योली, रामपाल शर्मा सिरसल व श्याम लाल सैन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
वीआईपी कल्चर खत्म होने से आएगा समानता का भाव : दीक्षित
कैथल। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी राज रमन दीक्षित ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री ने वीआईपी कल्चर को खत्म कर किया है। यह शुरुआत है। आने वाले दिनों में ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने वाले हैं, जिससे देश से वीआईपी कल्चर खत्म कर समानता का भाव आए। इस मौके पर धर्मबीर सैनी, विजय भारद्वाज, संदीप बागड़ी, ऋषभ मित्तल, सुरेश बजरंगी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।