अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। कोर्ट के आदेशों के बाद नेशनल व स्टेट हाईवे से पांच सौ व तीन सौ मीटर से दूर शराब के ठेके स्थापित करने के बाद स्थानीय लोगों द्वारा शराब के ठेकों के विरोध के बीच बोली भी फंस गई है। आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा दिए गए रेट पर कोई भी ठेकेदार बोली देने नहीं आया। जिसके चलते तीन जोन के ठेकों की बोली नहीं हो सकी। आबकारी एवं कराधान विभाग को अब ठेकों को छोड़ने के लिए रेट घटाने पड़े। ऐसे में करोड़ों रुपये के राजस्व को झटका लगेगा। इसे लेकर डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने मीटिंग लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। नई आबकारी नीति के बाद शहर समेत जिले के ठेकों को 14 जोन में बांटा गया है।
66 ठेकों की हो चुकी है बोली, लोग विरोध में उतरे
जिले में अभी तक 66 शराब के ठेके बोली होने के बाद ठेकेदार खोल चुके हैं। जिनमें से कई ठेकों पर शहरी जनता द्वारा आवाज उठाई जा रही है तो ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है। शहरी व ग्रामीण के कई क्षेत्रों में अभी तक शराब के ठेके भी नहीं खुल पाए है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 31 मार्च को 2017 शराब के ठेकों को राष्ट्रीय राजमार्ग व स्टेट हाइवे से पांच सौ मीटर की दूरी पर खोलने के आदेश जारी कर रखे हैं।
डीसी ने बैठक लेकर दी हिदायत
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भली भांति पालन हो, जिसको लेकर उपायुक्त डॉ. चंद्र शेखर खरे द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों व डीईटीसी (एक्साईज) की बैठक वीरवार को लघु सचिवालय में बुलाई। इस बैठक में साफ तौर पर अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि जीटी रोड व स्टेट हाईवे के पास बने होटलों में किसी भी तरह से अवैध शराब न बेची जाएं। अवैध रूप से शराब बेचने वालों व लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ विभाग सख्ती से निपटे। उपायुक्त ने डीईटीसी तहसीलदार व बीडीपीओ की एक टास्क फोर्स भी गठित कर दी। जिनका नेतृत्व पानीपत व समालखा के एसडीएम करेंगे। सूत्रों के अनुसार गठित की गई टीम वीरवार से ही हरकत में आ गई है। कई होटलों में अवैध रूप से शराब परोसने व शराब की तस्करी करने वालों की सूची भी टीम द्वारा तैयार की जा रही है।
हर 15 दिन में करेंगे निरीक्षण
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना न हो। इसको लेकर एक्साइज के आलोक पासी अपनी टीम के साथ हर 15 दिन में जिले के सभी शराब ठेकों का निरीक्षण करेंगे। जिसकी पूरी रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। आलोक पासी ने अमर उजाला को बताया कि साल 2017-18 की एक्साइज पॉलिसी के अनुसार जिले को 14 जोनों में बांटा गया है। जिनमें से तीन जोनों के ठेके शुक्रवार को बेचे जाएंगे।
सरकार द्वारा घटाए गए रेट की सूची
जोन पहले अब
जोन रुपये (करोड़) रुपये (करोड़)
1 जोन 6.50 5.25
2 जोन 5.50 4.25
3 जोन 14 12.75
आज छठी बार खुलेंगे टेंडर
ई-टेंडरिंग के माध्यम से शराब के ठेकों को बेचने के लिए तीन जोनों के इससे पहले पांच बार टेंडर लगाए जा चुके हैं। लेकिन किसी ठेकेदार ने ठेकों को लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। ठेकेदारों द्वारा तय किए गए रेटों से शराब के ठेकों की बोली लगाई गई थी। जिसके चलते बोली कई बार रद्द करनी पड़ी थी। हालांकि सरकार द्वारा ठेकों के रेट भी घटा दिए हैं। शुक्रवार को छठी बार टेंडर दोबारा से खोले जाएंगे।
सभी शराब के ठेके पांच सौ मीटर के बाहर खोले गए हैं। जिसकी जांच उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त (आबकारी) द्वारा की जा रही है। इसके अलावा होटलों में शराब परोसने व शराब तस्करी की शिकायतें उन्हें मिल रही है। जिसके लिए टीम गठित करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की हिदायत भी दी है। टीम द्वारा होटलों में शुक्रवार से छापेमारी शुरू कर दी जाएगी। सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, उपायुक्त।
अवैध रूप से शराब बेचने वालों से विभाग सख्ती से निपट रहा है। इसके लिए टीमें भी गठित कर रखी है। जनता से भी सहयोग देने की अपील की है। लीगल ठेके न खुलने से तस्करी को बढ़ावा मिलता है। ठेकेदारों को भी सख्त हिदायत दे रखी है कि वह ठेकों के बाहर चौकीदार की भी व्यवस्था रखे। ताकि कोई शराब पीकर हुड़दंगबाजी ना मचाए। लापरवाही मिलने पर ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
आलोक पासी, उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त (आबकारी)