पानीपत। शहर से तकरीबन 22 किलोमीटर दूर बसताड़ा टोल प्लाजा पर चार आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद यहां पुलिस ने निगहबानी बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को जीटी रोड और शहर के आठ नाकों पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। साथ होटल-ढाबों की भी तलाशी ली गई। एसपी शशांक कुमार सावन ने आतंकी गतिविधियों के मद्देनजर खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। सीमावर्ती इलाकों पर खास सतर्कता बरती जा रही है।
करनाल पुलिस ने खुफिया इनपुट के आधार पर बसताड़ा टोल प्लाजा पर ऑपरेशन को अंजाम दिया। आतंकियों के पकड़े जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस ने जीटी रोड पर गांव गांजबड़ से समालखा तक चेकिंग अभियान चलाया। नाकों पर संदिग्ध वाहनों की जांच की गई। जीटी रोड पर स्थित ढाबों और होटलों को खंगाला गया। पानीपत में चार बार बम ब्लास्ट हो चुके हैं। इनमें 69 लोगों की मौत और 20 लोग घायल हो चुके हैं। बम ब्लास्ट के दो मामलों में अब तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है।
पानीपत संवेदनशील जिला है। 18 फरवरी 2007 में दीवाना के समीप समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में ब्लास्ट हुआ था। इसमें पाकिस्तान जा रहे 68 से ज्यादा यात्रियों की जान चली गई थी। सभी ट्रेन के अंदर जिंदा जल गए थे। किसी का पूरा परिवार खत्म हो गया तो किसी ने अपने बच्चों और मां-बाप को खो दिया। 12 से अधिक लोगों की तो अब तक पहचान ही नहीं हो सकी है। एक फरवरी 1997 को बस स्टैंड पर हमला हुआ था। निजी बस में ब्लास्ट किया गया। बस कालखा से पानीपत बस स्टैंड पहुंची थी। इस विस्फोट में 20 लोग घायल हुए थे। एक की मौत हो गई थी। अब्दुल करीम उर्फ टुंडा आरोपी था। सबूतों के अभाव में वह बरी हो गया। 2016 में पानीपत ट्रेन में दो बार बैटरी बम से ब्लास्ट किया गया। इसमें किसी की जान नहीं गई। इन मामलों के आरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई।