पानीपत। पानीपत जिला नशा तस्करी का गढ़ बनकर उभरा है। जिले में नशा तस्करों का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। जिसके तार पानीपत के अलावा यूपी, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्यप्रदेश से जुड़े हैं। 10 माह में 121 तस्करों को जेल भेजने के बावजूद भी पुलिस तस्करी के नेटवर्क को नहीं तोड़ पाई। पुलिस की ज्यादातर कार्रवाई पेडलर्स तक सीमित है। मुख्य आरोपियों तक कानून के हाथ नहीं पहुंच पा रहे। जिस कारण मुख्य आरोपी छोटे-छोटे तस्करों की गिरफ्तारी होने के बाद दूसरे तस्कर तलाश कर अपना धंधा जारी रखते हैं।
पानीपत जिला यूपी के बॉर्डर पर है और दिल्ली के नजदीक हैं। औद्योगिक नगर होने के कारण जिले में तीन से चार लाख प्रवासी श्रमिक भी काम करते हैं। जिस कारण जिले में नशे की डिमांड अधिक रहती है। तस्करी के लिए भी हालत एक दम से मुफीद हैं। मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, यूपी और हिमाचल प्रदेश से जिले में नशा तस्करी की जा रही है। गतवर्ष पानीपत पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। जिले में अभियान चलाकर एक जनवरी 2025 से 31 अक्तूबर तक एनडीपीएस एक्ट में 83 एफआईआर दर्ज की गई। जिसमें 121 तस्करों को पकड कर पुलिस ने जेल भेजा। इनमें ज्यादातर वे लोग शामिल थे जो थोडी़ मात्रा के साथ पकडे गए। इनमें भी ज्यादातर पेडलर्स हैं। जिनके कब्जे से 44 किलो पोपी हस्क, 174 किग्रा गांजा, 12 किग्रा 984 ग्राम चरस, 4 किग्रा 305 ग्राम अफीम, 155 ग्राम हेरोइन, 130 ग्राम स्मैक व नशीले प्रतिबंधित 556 इंजेक्शन बरामद किए गए।
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10 माह में 43 दोषियों को हो चुकी है सजा
नशा तस्करों को सजा कराने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विशेष एनडीपीएस एक्ट अदालत से 10 माह में 43 आरोपियों को दोषी करार दिया जा चुका है। जिन्हें एक साल से लेकर 20 साल तक की सजा हो चुकी है। साथ ही 30 हजार से 2.50 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया गया है।
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दो से तीन हजार रुपये में मिल जाते हैं पेडलर्स
पानीपत जिले में नशा तस्करों में पेडलर्स काम कर रहे हैं। तस्कर बड़ी खेप मंगवाकर उसकी छोटी-छोटी पुडिया बनाकर पेडलर्स के माध्यम से बिकवाते हैं। इनमें ज्यादातर गरीब, बेरोजगार और नशा करने के आदी लोग काम कर रहे हैं। जो अपने नशे के खर्च को पूरा करने के लिए तस्करों के चंगुल में फंस जाते हैं।
वर्जन
नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस द्वारा 10 माह में 121 तस्करों को जेल भेजा जा चुका है। अभी अभियान जारी है। कुछ मामलों में सप्लायर भी पकड़े गए हैं।
-भूपेंद्र सिंह, एसपी पानीपत।