निर्माण सामग्री महंगी होने के कारण लोग सेक्टरों में खाली पड़े प्लॉटों पर निर्माण कार्य बंद कर दिया है। इस पर विचार करते हुए अब एचएसवीपी ने अपनी एक्सटेंशन पॉलिसी में बदलाव किया है। विभाग ने एक्सटेंशन फीस यानि जुर्माने में 80 प्रतिशत तक की कमी कर दी है। शहर के 6 रिहायशी सेक्टरों में 12 साल से लगभग 1900 प्लॉटों पर निर्माण कार्य नहीं हुआ है। प्लॉट पर तय समय सीमा में निर्माण कार्य न करने पर भारी भरकम एक्सटेंशन फीस अर्थात जुर्माना लगाया जाता है। एक जनवरी 2020 से जो एक्सटेंशन फीस प्लॉट पर लगेगी, वह पहले के मुकाबले 80 प्रतिशत तक कम हो गई है। प्लॉट अलॉट होने के बाद निर्माण नहीं होने पर 12 साल बाद अगले तीन साल के ब्लॉक ईयर पर काफी राहत मिलेगी।
तीसरे साल से लगनी शुरू होती है एक्सटेंशन फीस
पानीपत शहर हाई पोटेंशियल जोन में शामिल है। एचएसवीपी प्लॉट अलॉटी को दो साल तक निर्माण कार्य करने की छूट देता है। यदि दो साल तक वह निर्माण कार्य नहीं करता है तो तीसरे साल से एक्सटेंशन फीस लगनी शुरू हो जाती है। फीस के लिए तीन-तीन साल के चार ब्लॉक ईयर बना रखे थे। अब ब्लॉक की संख्या पांच यानि 15 साल तक कर दी है।
पहले यह थी जुर्माना राशि की दर
- 1 से 3 साल के पहले ब्लॉक में 25 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर।
- 4 से 6वें साल के दूसरे ब्लॉक में 40 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर।
- 7 से 9 वें साल के तीसरे ब्लॉक में 60 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर।
- 10 से 12वें साल के चौथे ब्लॉक में 100 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर।
नोट- इसके बाद हर साल फीस डबल हो जाती थी।
अब नई पॉलिसी में बनाया 15वें साल तक का 5वां ब्लॉक
अब चार ब्लॉक ईयर के बाद तीन साल का पांचवां ब्लाक बना दिया है। 13वें साल से 15वें साल तक 120 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर एक्सटेंशन फीस लगेगी। 15 साल निर्माण नहीं होने के बाद 120 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर में हर साल 10 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर तक की बढ़ोतरी होगी। जो पहले के मुकाबले बेहद कम है। 500 गज के प्लॉट पर 13वें साल में जो फीस 1 लाख लगती थी वह अब मात्र 60 हजार लगेगी।
नई शर्त से यहां के लोगों को लाभ
सेक्टर-13, 17, 6, 7, 8 व 18 के लोगों को काफी फायदा होगा। सेक्टर 40 पूरी तरह से आबाद नहीं है। सेक्टर-17 में 15 प्रतिशत, सेक्टर 18 में 40 प्रतिशत, सेक्टर 6 में 20 प्रतिशत, सेक्टर 7 और 8 में 40 प्रतिशत प्लॉट खाली हैं। यहां के अलॉटियों पर एक्सटेंशन फीस की मार पड़ती थी। अब फीस 80 प्रतिशत तक कम हो गई है तो इसका सीधा लाभ इन्हें मिलेगा।
प्लॉटों में खरपतवार से परेशानी
सेक्टर-18, 6, 7 व 8 व सेक्टर-7 में खाली प्लॉटों पर खरपतवार खड़ा है। जिसके कारण लोग परेशान रहते हैं। सेक्टर 13 निवासी विजय, मुकेश सेक्टर 6 निवासी विशाल ने बताया कि खाली प्लाटों में झाड़ियों से जहां जहरीले जीव जंतु आने का खतरा रहता है, वहीं वारदात होने का भी भय बना रहता है। अब ये नई पॉलिसी लागू होने के बाद उम्मीद है कि लोग निर्माण कार्य करवाएंगे।
नई पॉलिसी लागू हो गई है : राठी
एक्सटेंशन फीस की नई पॉलिसी लागू हो गई है। इससे पहले 12 साल के बाद हर साल डबल एक्सटेंशन फीस लगती थी। अब इसमें 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी पांचवें ब्लॉक के तीन साल तक होगी। जो काफी कम है।
-विजय राठी, ईओ एचएसवीपी