संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। खेल विभाग की लापरवाही के कारण जिला स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता अंडर-11 के खिलाड़ियों को सोमवार को शिवाजी स्टेडियम में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। खिलाड़ियों को कुश्ती कक्ष का ताला न खोलने पर चार घंटे इंतजार करना पड़ा। आरोप है कि जिला खेल अधिकारी ने काफी देर तक फोन तक नहीं उठाया, वहीं कार्यालय के स्टाफ ने कुश्ती कक्ष की चाबी देने से मना कर दिया। यही नहीं जब ताला खोला गया तो खिलाड़ियों को खेलने से पहले कक्ष में झाडू लगाना पड़ा।
सोमवार को शिवाजी स्टेडियम में कुश्ती प्रतियोगिता तय थी। पट्टीकल्याणा गांव के सरपंच मुकेश ने आरोप लगाया कि वह खिलाड़ियों को लेकर सोमवार सुबह करीब नौ बजे स्टेडियम में पहुंच गए थे। यहां किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिली। कुश्ती कक्ष पर ताला लगा था। उन्होंने खेल विभाग से चाबी मांगी तो उनको चाबी नहीं दी। वे इसके लिए जिला खेल अधिकारी धुरेंद्र हुड्डा को फोन करते रहे और खिलाड़ियों को बाहर धूप में खड़े रहना पड़ा। उनको दोपहर 12 बजे कुश्ती कक्ष की चाबी मिली। इसके बाद कुश्ती कक्ष में खिलाड़ियों को खेलने के लिए झाडू लगाना पड़ा। इसके बाद करीब एक बजे खेल शुरू किए जा सके। हालांकि खेल प्रतियोगिता का परिणाम मंगलवार को जारी किया जाएगा।
कुश्ती कोच उमेश ने बताया कि ताला खुलने में देरी हुई है। तब तक खिलाड़ियों का वजन किया गया। कुश्ती जैसे खेल में वजन मुख्य हिस्सा होता है। कई बार खिलाड़ी अपने वर्ग के अनुरूप वजन बनाए रखने के लिए भूखे भी रहते हैं। ऐसे में चार घंटे की देरी बच्चों के प्रदर्शन पर असर डालती है।
खेल प्रतियोगिता की जानकारी 10 अक्टूबर को मिल गई थी। सोमवार को कोई भी कोच या अन्य मुझसे नहीं मिला। मुझे खिलाड़ियों के स्टेडियम में आने की जानकारी मिली तो कुश्ती कक्ष का ताला खुलवाया गया। कर्मचारी सफाई के लिए भेज दिए थे। स्टेडियम में अनुशासन और व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाता है। ऐसी स्थिति के दोहराव को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
- धुरेंद्र हुड्डा, जिला खेल अधिकारी