पानीपत। खिलाड़ियों को बजट में खेल सुविधाओं के साथ डाइट बढ़ने की उम्मीद है, इससे जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों में राहत मिल जाएगी। बजट में स्टेडियम के विस्तार, प्रशिक्षण केंद्रों की मजबूती, इलाज और बीमा जैसी बुनियादी जरूरतों पर खर्च बढ़ाने की आस से देख रहे हैं।
ताइक्वांडो खिलाड़ी साक्षी ने बताया कि ताइक्वांडो जैसे खेलों में सुरक्षा उपकरण और मैट की गुणवत्ता बेहद अहम होती है। कई बार अभ्यास के दौरान चोट लगने का खतरा बना रहता है। अगर बजट में से प्रशिक्षण केंद्रों को आधुनिक उपकरण मिलें और खिलाड़ियों के लिए बीमा योजना लागू हो तो अभिभावक भी बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
ताइक्वांडो खिलाड़ी तन्नू ने बताया कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाई जानी चाहिए। प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए यात्रा, डाइट और किट पर काफी खर्च आता है। यदि खिलाड़ियों को नियमित भत्ता और प्रोत्साहन राशि मिले तो वे बिना आर्थिक चिंता के अपने खेल पर ध्यान दे सकेंगे।
खो-खो खिलाड़ी स्वाति ने बताया कि कई बार छोटे स्तर के खिलाड़ियों को चोट लगने पर समय पर इलाज नहीं मिल पाता। अगर खेल बजट से खिलाड़ियों के लिए मुफ्त या रियायती इलाज और बीमा की व्यवस्था हो जाए तो यह बहुत बड़ी राहत होगी, इससे खिलाड़ी बेझिझक अभ्यास कर पाएंगे और चोट के डर से खेल छोड़ने की नौबत नहीं आएगी। यदि स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र, इलाज, बीमा, भत्ता और प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं जमीनी स्तर पर मजबूत होती हैं, तो आने वाले समय में जिले और राज्य से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलकर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
वुशू खिलाड़ी जयकिशन ने बताया कि वुशू जैसे खेलों में निरंतर अभ्यास और अनुभवी कोच की जरूरत होती है। बजट बढ़ने से अगर प्रशिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर ध्यान दिया जाए तो खिलाड़ियों का स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों तक पहुंच सकता है। घोषणाएं कागजों तक सीमित न रहें बल्कि उनका असर मैदान तक दिखाई दे।
साक्षी।- फोटो : akhnoor news
साक्षी।- फोटो : akhnoor news
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