पानीपत। मौसम में बदलाव के साथ अक्सर लोग बुखार होने पर प्लेट्लेट्स गिरने से घबरा जाते हैं। वह इसे डेंगू मान लेते हैं। कई निजी अस्पताल भी लोगों का डेंगू का डर दिखाकर उनके फीस वसूलते हैं। जिले के लगभग 90 निजी अस्पताल व 28 स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन आठ हजार से अधिक ओपीडी हो रही है। हर रोज डेंगू के 1200-1500 के बीच में टेस्ट भी हो रहे हैं। निजी अस्पताल में मिलने वाले डेंगू के रोगियों के सैंपल की दोबारा जिला नागरिक अस्पताल में जांच हो रही है।
अब स्वास्थ्य विभाग ने वायरल बुखार को लेकर कुछ गाइड लाइन जारी की है। इसमें डॉक्टरों ने बताया है कि प्लेटलेट्स कम होना डेंगू नहीं है। किसी भी वायरल बुखार का असर शरीर में बढऩे के कारण खून की प्लेटलेट्स में गिरावट आ सकती है। बुखार में प्लेटलेट्स 40 हजार तक आ रही है। डॉक्टर प्लेटलेट्स कम होने को डेंगू न मानें। मंगलवार को जिले में डेंगू के 10 नए मरीज मिले हैं। अब डेंगू के रोगियों की संख्या 191 हो चुकी है।
मलेरिया के तीन व चिकनगुनिया के दो रोगी मिल चुके हैं। जिला नागरिक अस्पताल, समालखा सामान्य अस्पताल समेत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू जांच की सुविधा है। सभी केंद्रों में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। जहां डेंगू के रोगी मिल रहे हैं वहां पर लोगों की ब्लड स्लाइड तैयार की जा रही है। नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग वहां फॉगिंग कर रहा है। अब तक डेंगू के 80 प्रतिशत रोगी ग्रामीण क्षेत्रों व बाहरी कॉलोनियों में मिल रहे हैं क्योंकि यहां पर जागरूकता की कमी है। सबसे अधिक लार्वा भी इन्हीं क्षेत्रों में मिल रहा है।
टीडीआई के सेक्टर 23 में 12 साल का बच्चा, न्यू दीवान नगर में 18 साल का युवक, बाबरपुरमंडी में 40 साल की महिला, सुभाष बाजार में 39 साल के व्यक्ति , दलबीर नगर में 11 साल की बच्ची, अंसल में 27 साल के युवक, नौल्था गांव में 17 साल के युवक, प्रकाश नगर में 29 साल के युवक, वधावाराम कॉलोनी में 14 साल के किशोर व खोतपुरा गांव में 18 साल की युवती की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है।
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वायरल बुखार के लक्षण-
- बुखार
- गले में दर्द, खांसी
- सिर दर्द थकान
- जोड़ों में दर्द
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प्रोटीन युक्त खाना, संतरा व नींबू खाएं
जब शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है तब वायरल बुखार होता है। अगर सेहतमंद और प्रोटीन युक्त खाना खाया जाए तो शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता खुद बढ़ जाती है। सादा व ताजा खाना ही खाएं क्योंकि हैवी फूड आसानी से पच नहीं सकता है। रखे हुए खाने को गर्म करके ही खाएं। मौसमी संतरा व नींबू खाएं जिसमें विटामिन-सी और वीटा कैरोटिंस होता है जिससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। खूब पानी पिएं। तुलसी के पत्ते में खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी रोगों से लड़ने की शक्ति है। सर्दियों के बदलते मौसम में तुलसी के पत्तियों को उबालकर या चाय में डालकर पीने से नाक और गले के इंफेक्शन से बचाव होता है।
वर्जन-
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि सामान्य बुखार में प्लेटलेट्स गिर सकती है। इसलिए इसको डेंगू न समझें। डेंगू से डरने की नहीं ब्लकि इसके खिलाफ जागरूक होने की जरूरत है। निजी अस्पतालों को समय पर सैंपल भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई निजी अस्पताल लोगों में डेंगू के खिलाफ भय बनाते हुए मिला तो कार्रवाई की जाएगी।