जगमहेंद्र सरोहापानीपत। निगम प्रशासन अब निंबरी गांव के पास स्थित अपनी आठ एकड़ भूमि और बरसत रोड पर नए डेयरी सेक्टर विकसित करेगा। निगम इसका कार्य योजना तैयार करना शुरू कर दिया है। इसके माध्यम से शहर की लगभग 250 डेयरियों को बाहर स्थापित किया जाएगा और डेयरी संचालकों को रियायती दरों पर प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे।
हाल ही में नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक लेकर शहर के भीतर चल रही डेयरियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और उनके बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के निर्देश जारी किए थे। निगम के इस कड़े रुख से डेयरी संचालकों में हड़कंप मच गया था। डेयरी संचालक लगातार हर मंच पर अपने पुनर्वास और शहर से बाहर जमीन मुहैया कराने की मांग उठा रहे थे। मंगलवार को आयोजित नगर निगम की हाउस बैठक में यह मुद्दा गर्मा गया।
पार्षद संजीव दहिया और अशोक कटारिया सहित कई पार्षदों ने निगम की कार्रवाई का जोरदार विरोध किया और इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। पार्षदों का तर्क था कि डेयरी संचालकों के प्रति दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय सरकार और प्रशासन को उन्हें सहयोग देना चाहिए। जब तक उन्हें शहर के बाहर विकल्प के रूप में प्लॉट नहीं दिए जाते, तब तक डेयरियों को जबरन बंद या सील नहीं किया जाना चाहिए। पार्षदों के रुख को देखते हुए कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है।
निगम की पुरानी योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह बात भी सामने आई कि वर्ष 2002 में जाटल रोड स्थित बिंझौल गांव के पास भी डेयरी स्थानांतरण के लिए प्लॉट काटे गए थे। हालांकि, इनमें से कई प्लॉट अब भी खाली पड़े हैं। नगर निगम प्रशासन ने फैसला लिया है कि बिंझौल के पास पड़ी इस अतिरिक्त और खाली जमीन को ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से बेचा जाएगा, ताकि निगम के राजस्व में वृद्धि हो सके और नई योजनाओं को गति दी जा सके।
स्वच्छता और डेयरी संचालकों की सुविधा पर ध्यान
निगम अधिकारियों के अनुसार, निंबरी और बरसत रोड पर प्रस्तावित नए डेयरी सेक्टर में सभी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। गोबर निस्तारण, पानी की निकासी और चौड़ी सड़कों की व्यवस्था की जाएगी ताकि डेयरी संचालकों को काम करने में कोई परेशानी न हो। शहर के भीतर डेयरियों के कारण अक्सर नालियां जाम होने और सड़कों पर आवारा पशुओं के घूमने की समस्या बनी रहती थी, जिससे इस नए डेयरी सेक्टर के बनने के बाद स्थायी रूप से राहत मिलने की उम्मीद है। पार्षद संजीव दहिया और अशोक कटारिया ने कहा कि डेयरी संचालकों को बेहतर सुविधा देनी चाहिए। बिंझौल डेयरी स्थल पर खाली जमीन को बेचकर निगम करीब 50 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा सकता है।
शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाना हमारी पहली प्राथमिकता है, लेकिन इसके साथ ही डेयरी संचालकों के हितों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। निंबरी में संचालकों को रियायती दरों पर प्लॉट देकर व्यवस्थित करने के बाद ही शहर से डेयरियों का स्थानांतरण सुनिश्चित किया जाएगा। -कोमल सैनी, मेयर, नगर निगम पानीपत।