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Panipat News: फार्मेसी में आधी दवाएं, जन औषधि केंद्र खाली, जेब पर असर भारी

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जिला नागरिक अस्पताल में दवाई के लिए लाइन में लगे मरीज। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। मौसम के बदलते मिजाज के बीच सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शनिवार को जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी शुरू होते ही मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। सबसे अधिक संख्या मौसमी बीमारी, तेज बुखार और खांसी-जुकाम के मरीजों की रही।
सुबह ओपीडी शुरू होने के साथ ही पंजीकरण काउंटर पर लंबी लाइन लग गई। डॉक्टरों को दिखाने के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। लेकिन असली परेशानी तब बढ़ी जब मरीज दवा काउंटर पर पहुंचे। फार्मेसी में उपलब्ध 220 दवाओं की सूची में से आधी से अधिक दवाएं नदारद मिलीं।
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सस्ती दवाओं का दावा करने वाला जन औषधि केंद्र भी कई जरूरी दवाओं से खाली मिला। मजबूरी में मरीजों और उनके परिजनों को निजी मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ीं, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा।
अस्पताल परिसर में भीड़ इतनी अधिक रही कि बैठने तक की जगह नहीं बची। ओपीडी के बाहर लगे बेंच भी कम पड़ गए, जिससे कई मरीज और बुजुर्ग फर्श पर बैठने को मजबूर दिखे। तेज बुखार और कमजोरी से परेशान मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आजाद नगर के रमेश कुमार ने बताया कि वह सुबह साढ़े आठ बजे से लाइन में लगे थे। डॉक्टर ने तीन दवाएं लिखीं, लेकिन फार्मेसी से केवल एक ही दवा मिली, बाकी बाहर से 450 रुपये में खरीदनी पड़ी। अशोक विहार की कमला देवी ने बताया कि उन्हें खांसी-जुकाम और घुटनों में दर्द है, लेकिन बैठने की व्यवस्था न होने से दो घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद फर्श पर बैठना पड़ा।
जाटल रोड के सुनील यादव ने बताया कि फार्मेसी में पूरी दवा नहीं मिली और जन औषधि केंद्र पर भी आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं थीं, जिसके कारण उन्हें निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी। कुटानी रोड की रीना ने बताया कि डॉक्टर को दिखाने में तीन घंटे लग गए और दवा काउंटर पर भी पूरी दवा नहीं मिली।
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ओपीडी में मरीजों के लिए बेंच लगाए गए हैं। कई बार ज्यादा मरीजों के आने पर कम रह जाते हैं। फार्मेसी पर अधिकतर दवा हैं। जन औषधि केंद्र पर भी सभी दवा हैं। किसी को पूरी दवा नहं मिलती ताे उनसे संपर्क कर सकते हैं।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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