- मॉरीशस के वाणिज्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के साथ पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का किया दौरा
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। भारत और मॉरीशस के बीच पेट्रोलियम आपूर्ति, संयुक्त उद्यमों और कौशल विकास में तेजी आएगी। मॉरीशस के वाणिज्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल ने इन सबके बीच पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स (पीआरपीसी) का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री माइकल यंग सिक युएन ने किया। उनके साथ स्थायी सचिव मनोरमा देवरानी माथुर डाबिदिन और सहायक स्थायी सचिव डॉ. नम्रता रीटू उपस्थित रहीं।
मौके पर निदेशक (रिफाइनरी) अतिरिक्त प्रभार निदेशक (पाइपलाइन्स) अरविंद कुमार, कार्यकारी निदेशक (कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी) सौमित्रा श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख पीआरपीसी एमएल डहरिया और कार्यकारी निदेशक अजय कैला विशेष रूप से मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने 2जी और 3जी बायो-एथेनॉल प्लांट, सीआर-11 कंट्रोल रूम और प्रोडक्ट एप्लिकेशन एवं डेवलपमेंट सेंटर (पीएडीसी) का दौरा किया। युवा इंजीनियरों के साथ संवाद किया और नेट-जीरो 2046 तक पहुंचने के लिए इंडियन ऑयल के नवाचार प्रयासों की सराहना की। माइकल यंग सिक युएन ने कहा कि भारत और मॉरीशस के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। जो दोनों देशों की विकास कहानियों को आकार देते रहे हैं। इंडियन ऑयल की रिफाइनरी भारत के ऊर्जा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और मॉरीशस जैसे देशों को भी समर्थन प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा मॉरीशस के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकता है। क्योंकि यह देश बड़े पैमाने पर ईंधन आयात पर निर्भर है। उन्होंने पेट्रोलियम आपूर्ति, संयुक्त उद्यमों और कौशल विकास में सहयोग के व्यापक अवसरों की तरफ इशारा किया।