फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: बंदरों के आतंक से परेशान हैं बाबरपुर मंडी में लोग

विज्ञापन
रविंद्र धीमान। - फोटो : Archive
विज्ञापन
पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत में बंदरों को पकड़ने का अभियान अब तीन राज्यों के दो विभागों के बीच फंस गया है। शहर से बंदर पकड़कर शिवालिक के जंगलों में छोड़ने पर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के वन विभाग की ओर से रोक लगा दी गई है। इससे पानीपत में बंदरों को पकड़ने का अभियान बंद होने उनकी संख्या और हमले तेजी से बढ़ गए हैं। बाबरपुर मंडी गांव में पिछले एक माह में बंदरों के काटने के 15-20 मामले सामने आ चुके हैं।
विज्ञापन

बाबरपुर मंडी गांव में शनिवार को बंदरों ने गुरु एचपी गैस एजेंसी के मालिक गुरदास मोरिया की बेटी मुस्कान पर हमला किया। वॉशरूम से निकलते ही एक बंदर उनके सिर पर कूद गया और गर्दन व पीठ में काट लिया। इसके साथ ही एजेंसी में सिलिंडर लेने के लिए आए दो युवाओं पर भी हमला किया है। ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों ने छतों पर अपना कब्जा कर लिया है। जिससे लोग छतों पर जाने से डर रहे हैं। छोटे बच्चों का गली और छत पर खेलना बंद हो गया है। वहीं, छतों पर कपड़े तक सुखाने में दिक्कत हो रही है। कई बार नगर निगम के अधिकारियों से इस संबंध में बात की जा चुकी है। लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
पहले पकड़कर जंगल में छोड़ते थे, अब लग गई रोक
नगर निगम की ओर से बंदरों को पकड़कर शिवालिक के जंगलों में छोड़ा जाता था। जिसमें यमुनानगर के कलेसर के जंगल के साथ साथ उत्तराखंड और हिमाचल की सीमा से सटे जंगल शामिल थे। अब दोनों प्रदेशों की सरकार और वन विभाग ने बंदरों को शहर से पकड़ कर जंगल में छोड़ने पर रोक लगा दी है। वन विभाग का दावा है कि शहर से जंगल में बंदरों को छोड़ने के कारण वह वहां भी लोगों पर हिंसक हमले करते हैं। यही कारण है कि अब बंदरों को छोड़ने का कोई स्थान नहीं बचा है। जिससे बंदर पकड़ने का अभियान बंद हो गया। संवाद
विज्ञापन


बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दो साल से नगर निगम अधिकारियों को पत्र भेजकर पकड़ने की मांग की जा रही है। लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल रहा है।
-रविंद्र धीमान, निवासी बाबरपुर मंडी

बंदरों के काटने से छोटे बच्चों में दहशत का माहौल है। बच्चे गली में खेलने से भी डरते हैं। बंदर बुजुर्गों पर भी हमला करते हैं।
-विनोद कुमार, निवासी बाबरपुर मंडी
-
छतों पर जाने में भी डर लगता है। जैसे ही कोई ऊपर जाता है तो बंदर हमला कर देते हैं।
-धर्मवीर शर्मा
-
मेरी बेटी पर बंदर ने हमला किया। एजेंसी पर आए कुछ अन्य युवकों पर भी हमला किया गया। बंदरों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। यह चिंता का विषय है।

-गुरदास, निवासी बाबरपुर मंडी, गैस एजेंसी संचालक
वर्जन

नगर निगम द्वारा बंदरों को पकड़ कर जंगल में छोड़ा जाता था। अब वहां पर रोक लग गई। अभी कोई ऐसा स्थान नहीं जहां पर बंदरों को छोड़ा जाए। ऐसे में लोगों से आग्रह है कि जहां बंदरों की संख्या अधिक है वहां खुले में खाना न रखें और सावधानी रखें।
-डॉ. पंकज राव, नगर आयुक्त पानीपत।

रविंद्र धीमान।- फोटो : Archive

रविंद्र धीमान।- फोटो : Archive

रविंद्र धीमान।- फोटो : Archive

रविंद्र धीमान।- फोटो : Archive

रविंद्र धीमान।- फोटो : Archive

रविंद्र धीमान।- फोटो : Archive

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें