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मेहनत कर भरी जिम की फीस, बने मिस्टर एशिया

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फेटी के साथ मेडल साझा करते हुए बॉडीबिल्डर गौरव - फोटो : Panipat
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पानीपत। चाह हो तो राह भी बन ही जाती है, ये मिस्टर एशिया का टाइटल जीतने वाले गौरव ने साबित कर दिखाया है। परिवार की तंगहाली में महज 16 साल की उम्र में नौकरी कर अपने जिम की फीस भरी। मेहनत की और दिल्ली में आयोजित मिस्टर एशिया के इवेंट में 70 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
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गौरव के पिता मजदूरी करते हैं। घर के आर्थिक हालत अच्छे नहीं थे। गौरव ने बताया कि परिवार की मासिक आय कम थी। ऐसे में, जिम की फीस भर पाना मुमकिन नहीं था। ऐसे में 16 साल की उम्र में एक जगह काम किया। कुछ समय अंडे और कोल्ड ड्रिंक की सप्लाई भी की। जिम की सदस्यता ली और सपने का पीछा शुरू किया। बॉडी बिल्डिंग में अच्छा करने पर उसी जिम में ट्रेनर बन गए। जहां से उन्हें प्रतिमाह 10 हजार रुपये मिलने लगे। इससे घर में तो सहायता हुई ही, डाइट का ख्याल रखने में भी मदद मिली। आज गौरव का खुद का जिम है और उसमें 100 से ज्यादा युवा बॉडी बिल्डिंग सीखते हैं।
कई प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुके हैं
वर्ष 2019 में राज्य स्तरीय बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में भाग लेकर पहला गोल्ड मेडल जीता। इसी साल नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर अपने भार वर्ग में टॉप-5 बॉडी बिल्डरों की सूची में आ गए। इसके बाद एक साल तक किसी चैंपियनशिप में भाग नहीं लिया और खुद को बेहतर करने में लगे रहे। इसकी बदौलत 2021 में तीन नेशनल मेडल जीते। बॉडी लिफ्टिंग में सिल्वर, बॉडी बिल्डिंग में गोल्ड और मिस्टर फिटनेस में कांस्य पदक जीता था। वह फिलहाल नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे हैं। यह प्रतियोगिता 20 जनवरी को है।
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स्पॉन्सर न होने के कारण मिस्टर वर्ल्ड से हैं अभी दूर
गौरव ने बताया कि स्पॉन्सर न होने के कारण वह मिस्टर वर्ल्ड चैंपियनशिप में नहीं जा पा रहे हैं। यदि फेडरेशन से मदद या कोई स्पॉन्सर मिल जाए तो वह मिस्टर वर्ल्ड में भी देश को गोल्ड दिलाने की कोशिश करेंगे। हालांकि उनकी तैयारी जारी है। मिस्टर वर्ल्ड में गोल्ड लाने के लिए आठ घंटे से ज्यादा समय तक अभ्यास कर रहे हैं। दिल्ली में हुई मिस्टर एशिया की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने महज 32 दिन पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी। प्रतियोगिता में 50 से ज्यादा प्रतिभागियों को पछाड़कर उन्होंने मिस्टर एशिया का अवार्ड जीता।
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