फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: पटवारियों के हड़ताल पर जाने से इंतकाल और रजिस्ट्री ठप

Tue, 03 Feb 2026 02:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
विज्ञापन
पटवार भवन में प्रदर्शन करते पटवारी। स्रोत : एसो.
विज्ञापन
पानीपत। द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले जिले के पटवारी तीन दिन की सांकेतिक हड़ताल पर चले गए। जिले में सोमवार को पहले दिन ही पांचों तहसीलों में रजिस्ट्री के साथ इंतकाल, जमाबंदी के साथ प्रमाणपत्र बनाने का काम बाधित रहे। लोग पूरा दिन तहसील में परेशान रहे। एक दिन में करीब 1700 डोमोसाइल, करीब 700 प्रमाणपत्र, चार हजार जमाबंदी, 50 निशानदेही और करीब दो हजार इंतकाल नहीं बनने का दावा किया है। यूनियन ने दोपहर बाद उपायुक्त को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और प्रदेशभर में निलंबित छह पटवारियों को बहाल करने और अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की।
विज्ञापन

यूनियन के प्रधान प्रवीण रावल और महासचिव दिलावर वर्मा ने कहा कि सरकार ने पिछले दिनों प्रदेश के छह पटवारियों को निलंबित कर दिया। इन पर फसल खराब की गिरदावरी में एक की फोटो कई जगह प्रयेाग करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पटवारी की रिपोर्ट पर अधिकारी जांच करते हैं। पटवारी की गलती को अधिकारी के स्तर पर रोका जा सकता था। इसमें अधिकारी भी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार सभी छह पटवारियों को तुरंत बहाल करें। इसके साथ उनकी इंक्रीमेंट जारी करें। सरकार ने सात जनवरी 2025 को पटवारियों की ट्रेनिंग डेढ़ वर्ष से घटाकर एक वर्ष करने की घोषणा की थी। इसे लागू नहीं किया गया है। ट्रेनी पटवारियाें की परीक्षा का परिणाम जारी किया जाएं। इसके साथ इनको ज्वाइन कराया जाएं। इस मौके पर उप प्रधान बिजेंद्र शर्मा, सदर कानूनगो अशोक कुमार, विकास रमन, कुलदीप हुड्डा और राकेश मलिक मौजूद रहे।
हड़ताल में कामकाज ठप होने से लोग परेशान
जिले के करीब 62 पटवारी और कानूनगो हैं। इनमें से सभी हड़ताल पर रहे। जिले की पांचों तहसील में पटवारियों से संबंधित काम बाधित रहा। पानीपत तहसील में डोमोसाइल बनाने आए रमेश और हरकेश ने बताया कि पटवारी की रिपोर्ट के बिना डोमोसाइल नहीं बन पाता। वह सुबह से पटवार भवन और तहसील के चार चक्कर लगा चुके हैं। दत्ता कॉलोनी के कुलदीप ने बताया कि उनको प्लाट की रजिस्ट्री करानी है। इसके लिए जमाबंदी की रिपोर्ट लेनी थी। पटवारी के न होने पर जमाबंदी की रिपोर्ट नहीं मिल पाई। ऐसे में उनको हड़ताल खत्म होने का इंतजार है। गांजबड़ गांव के हरपाल ने बताया कि उनको किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना है। इसके लिए जमीन की जमाबंदी लेनी है। उनको पटवार भवन में आने के बाद हड़ताल का पता चला।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें