पानीपत। सर्दी का प्रभाव से अस्पताल में बीपी, शुगर, पेट की समस्या, खांसी-जुकाम और वायरल बुखार के साथ कब्ज, गैस और अपच के मरीज भी आने लगे हैं। जिला नागरिक अस्पताल सामान्य सर्जन के पास आने वाले मरीजों 120 में से 50 मरीज पेट की समस्या से संबंधित हैं। इसका मुख्य कारण सर्दी पानी कम पीना और तला हुआ अधिक खाना भी है।
जानकारी के अनुसार जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन की ओपीडी में 120 में से 50 मरीज पेट की बीमारी के आ रहे हैं। इनमें भी ज्यादातर बच्चे व बुजुर्ग शामिल हैं। वे सर्दी में पानी नहीं पी रहे हैं। पानी की कमी पेट की बीमारियों को बढ़ा रही है। वहीं चिकित्सक लोगों को गर्म पानी पीने और हरी सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि कब्ज या गैस होने पर व्यक्ति असहज महसूस करता है और परेशान रहता है। मल त्याग में भी उसे परेशानी होती है जो कई बार गंभीर बीमारी का कारण भी बन जाती है।
शरीर में पानी कम होने पर आती हैं दिक्कत
-बड़ी आंत मल से ज्यादा पानी सोख लेती है। इससे मल कठोर और सूखा हो जाता है। ऐसे में शौच करना मुश्किल हो जाता है।
-पाचन प्रक्रिया धीमी होने से भोजन आंतों में ज्यादा देर तक रुका रहता है। इससे गैस और पेट फूलने की समस्या हो सकती है।
-पाचन एंजाइमों को ठीक से काम करने के लिए पानी चाहिए होता है। ये पानी की कमी से कमजोर पड़ जाते हैं। इससे भोजन पचना मुश्किल हो जाता है।
-निर्जलीकरण से पेट में ऐंठन और दर्द महसूस हो सकता है।
-पानी की कमी से पेट में एसिड (अम्ल) ज्यादा हो सकता है। इससे जलन महसूस होती है।
ये करें : -
-डिहाइड्रेशन ठीक करने का सबसे अच्छा तरीका है पानी पीना।
-पानी के साथ शरीर में खोए हुए नमक और खनिज (जैसे सोडियम, पोटेशियम) की पूर्ति करें।
-ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां व दालें खाना।
लोग सर्दी में पानी पीना कम कर देते हैं जिससे पेट संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसलिए सर्दी के मौसम में गर्म पानी पीना चाहिए। दिन में कम से कम दो लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए और तले हुए खाने से परहेज करना चाहिए। सुबह व शाम योग करना चाहिए और अपने खाने में हरी सब्जियां को जरूर शामिल करें।
डॉ. अनिल, सामान्य सर्जन, जिला नागरिक अस्पताल।