डीपीएस स्कूल प्रबंधक द्वारा फीस बढ़ाने के विरोध में बच्चों के अभिभावकों ने फीस के विरोध में सीएम विंडो पर शिकायत सौंपी है। अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सोमवार को डीपीएस स्कूल के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नाम सीएम विंडो में शिकायत दी है।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधक ने बिना सरकार व अभिभावकों को सूचना दिए फीस में भारी बढ़ौतरी कर दी। अभिभावकों ने कहा कि डीपीएस स्कूल ने फीस बढ़ाने के मामले में सभी स्कूलों का रिकार्ड तोड़ दिया है। डीपीएस ने पिछलें दस साल में 402 प्रतिशत फीस बढ़ाई हैं। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार पहली, छठी, नौंवी व 11वीं कक्षा के अलावा और किसी भी कक्षा के विद्यार्थियों से वार्षिक शुल्क नहीं लिया जा सकता। बावजूद इसके डीपीएस प्रबंधन पिछलें 10 सालों से सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों से वार्षिक शुल्क लिया जा रहा हैं। अभिभावकों का आरोप है कि एक ही संसदीय क्षेत्र के दो जिलों के डीपीएस स्कूलों की फीसों में भी भारी अंतर हैं।
उन्होंने बताया कि करनाल डीपीएस में वार्षिक शुल्क 13200 रुपये और फीस 63890 रुपये ली जाती हैं। पानीपत डीपीएस में वार्षिक शुल्क 27900 रुपये और फीस 115810 रुपये ली जाती है। करनाल और पानीपत डीपीएस स्कूल के वार्षिक शुल्क में 14700 रुपये और फीस में 51920 रुपये का भारी अंतर होना समझ से परे है, जबकि दोनो ही स्कूल डीपीएस संस्था के तहत काम कर रहे हैं।
अभिभावकों ने डीपीएस स्कूल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक डीईओ द्वारा बनाई गई कमेटी बढ़ाई गई फीस को लेकर कोई फैसला नहीं लेती तब तक अभिभावक फीस नहीं भरेंगे। इस मौके पर राकेश चुघ, जिमी चुघ, लक्की रामदेव, गुलशन मक्कड़, गुलशन छाबड़ा, संजीव, संजय रामदेव व शैली कपूर मौजूद रहे।
स्कूल प्रबंधन द्वारा नियमानुसार फीस बढ़ाई गई है। किसी तरह की अनदेखी नहीं की गई है। अभिभावकों को कोई शिकायत है तो वे स्कूल में शिकायत कमेटी में अपनी शिकायत दे सकते हैं। कमेटी में अभिभावकों की पूरी बात सुनी जाएगी।
सोनिया तोमर, मुख्य अध्यापिका, डीपीएस पानीपत सिटी, समालखा।