उद्यमियों ने बिजली निगम के मुख्य महाप्रबंधक के सामने निगम के सर्किल कार्यालय में सुनवाई न होने और छोटे से फॉल्ट को ठीक करने के लिए पूरा-पूरा दिन लगाने समेत अन्य कई समस्याओं को लेकर दुखड़ा सुनाया। उद्यमियों ने अधिकारियों के सामने निगम को ठेके पर देने तक की बात कह दी। उद्यमियों ने कहा कि बिजली निगम के बहुत से कर्मी बुजुर्ग हो गए हैं। उनसे खंभे पर चढ़ा तक नहीं जाता। मुख्य महाप्रबंधक ने कई घंटे चली बैठक में समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया। साथ ही बिजली निगम की योजनाओं की जानकारी दी।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के मुख्य महाप्रंबधक एसके बंसल जिले के उद्यमियों के साथ जीटी रोड स्थित एक होटल में आईपीआर अवेयरनेस प्रोग्राम में रूबरू हुए। मुख्य महाप्रंबधक ने अन्य अधिकारियों के साथ निगम की योजनाओं के बारे में उद्यमियों को बताया। इस दौरान उद्यमियों की समस्याएं भी सुनी। अधिकारियों और उद्यमियों के बीच करीब छह घंटे तक दो चरणों में लंबी बैठक चली। बैठक में पीएचडी चैंबर के निदेशक विवेक सहगल, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन प्रीतम सिंह, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव राकेेश गर्ग, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नालॉजी हरियाणा की तरफ से राहुल तनेजा, अस्सिटेंट कंट्रोलर ऑफ पेंट्टस एंड डिजाइन की तरफ से एसडी भटनागर और एके गैंर एंड कोपरेटिव की तरफ अरुण कुमार मौजूद रहे।
‘आपके एसडीओ कई दिन तक ई-मेल नहीं देखते’
मुख्य महाप्रंबधक एसके बंसल ने बिजली निगम की उपभोक्ताओं के लिए आने वाली नई-नई स्कीमों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अब सारा काम ऑनलाइन हो चुका है। उपभोक्ताओं के काम तेजी से हो रहे है। बिजली का कनेक्शन लेना आसान हो गया है। इसके बाद उद्यमियों ने मुख्य महाप्रबंधक को इंडस्ट्रीयल एरिया में हो रही बिजली से संबंधित समस्याओं के बारे में बताया। साथ ही उन्हें जल्द दूर करने की मांग की। बीच में एक उद्यमी ने कहा कि सारा कुछ ऑनलाइन हो चुका है, लेकिन आपके निगम के एसडीओ ई-मेल को कई-कई दिनों तक नहीं देखते। इस कारण नए कनेक्शन लेने में परेशानी होती है।
उद्यमी बिजली की उचित सप्लाई नहीं
उद्यमी बिजली की उचित सप्लाई न होने से खफा नजर आए। शिकायत की कि बिजली निगम फाल्ट आने पर कई दिनों तक उसे ठीक नहीं करता। इससे समस्या बढ़ जाती है। इससे बेहतर है कि बिजली निगम को ठेेके पर दे दिया जाए। सभी ने ठेका प्रथा पर जोर दिया। इस पर बिजली निगम के मुख्य महाप्रबंधक एसके बंसल ने सरकार तक उनकी बात पहुंचाने का वादा किया।
उद्यमियों ने इस तरह से रखी अपनी समस्याएं
ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया के प्रधान विनोद ग्रोवर ने बताया कि आईपीआर अवेयरनेस प्रोग्राम में आने से नई जानकारी उद्यमियों को मिली हैं। बिजली निगम ने हाल ही में नई स्कीम जारी की है। आगे आने वाले समय में जारी होंगी, इसकी जानकारी मिली है। यह प्रोग्राम अच्छा रहा है, लेकिन निगम को अपनी कार्यप्रणाली और कार्यक्षमता को भी बेहतर बनाने की जरूरत है।
पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने बताया कि सेक्टर-29 पार्ट वन में 16 फीडर हैं। यहां मेंटेनेस के लिए दो कर्मचारी लगे हुए हैं। उनकी उम्र भी 50 से 55 के बीच है। इस कारण वे पोल पर नहीं चढ़ सकते। 132 केवी का पावर हाउस में कोई भी कर्मचारी नहीं हैं। यदि बिजली सप्लाई में कोई फॉल्ट आ जाए तो ठीक करने के लिए कोई नहीं है।
ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया के सचिव राजीव अग्रवाल ने बताया कि जब मॉडल टाउन के एरिया का बिजली का कार्य निजी हाथों में दे सकते हैं तो सारा बिजली निगम क्यों नहीं दे सकते। प्राइवेट कर्मचारी फोन करने के 20 मिनट में ही मौके पर आ जाते हैं। लेकिन, सरकारी बिजली कर्मचारी बिजली को ठीक करने में कई दिन लगा देते हैं।
उद्यमी अनिल बंसल ने बताया कि जब बिजली निगम को प्राइवेट हाथों में देने से दक्षिण हरियाणा का बिजली निगम फायदे में आ सकता है तो उत्तर हरियाणा का बिजली निगम क्यों नहीं आ सकता है। बिजली निगम के कर्मचारी सबसे अधिक भ्रष्टाचार करते हैं। इस कारण उत्तर हरियाणा का बिजली निगम फायदे में नहीं बल्कि घाटे में रहता है।
उद्यमी ओपी मिगलानी ने बताया कि बिजली निगम के बिल में करीब 40 कॉलम बने हुए हैं। इसका पता बिजली निगम के कई अधिकारियों को भी नहीं है। बिजली निगम सबसे पहले अपने को कम कॉलमों में और समझ में आने वाले ही कॉलम बनाएं। अधिकतर कॉलम में इतने चार्ज लगा कर भेजते हैं। जिसका उपभोक्ताओं को पता नहीं लगता है।
विनोद खंडेलवाल ने बताया कि बिजली निगम के कर्मचारी समय पर काम नहीं करते है। जिस कारण निगम घाटे में जा रहा है। निगम नई स्कीमें तो लाता रहता है। लेकिन उन स्कीमों पर कार्य नहीं हो पाता है। अगर कर्मचारी स्कीमों पर सही ढंग से कार्य करे तो निगम को फायदा होगा।